पटना : बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सम्राट चौधरी ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और इसके साथ ही वे बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बन गए। पटना में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने सम्राट चौधरी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई बड़े नेता मौजूद रहे।

सम्राट चौधरी के साथ जदयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी शपथ ली। दोनों को उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
‘नीतीश-मोदी मॉडल’ पर चलेगी सरकार
शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार में नई सरकार नरेन्द्र मोदी और नीतीश कुमार के विकास मॉडल पर काम करेगी। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।
विभागों का बंटवारा
नई सरकार में सम्राट चौधरी के पास लगभग 29 विभागों की जिम्मेदारी है, जबकि विजय चौधरी को 10 और बिजेंद्र यादव को 8 विभाग सौंपे गए हैं। मंत्रालयों का बंटवारा पहले की तरह ही रखा गया है और सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व मिला है।

राजनीतिक सफर: सम्राट चौधरी
58 वर्ष की उम्र में मुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है। उन्होंने 1990 में राजनीति में कदम रखा और राजद व जदयू से होते हुए भाजपा में शामिल हुए।
- 2018: भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बने
- 2023: प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त
- 2024 व 2025: उपमुख्यमंत्री रहे
- 2026: बिहार के मुख्यमंत्री बने
उपमुख्यमंत्रियों का प्रोफाइल
विजय कुमार चौधरी (69 वर्ष)
- राजनीति में प्रवेश: 1982
- पूर्व में बैंक अधिकारी
- 2015-2020: बिहार विधानसभा अध्यक्ष
- कई बार मंत्री रह चुके हैं
बिजेंद्र प्रसाद यादव (78 वर्ष)
- 1990 से लगातार विधायक
- नौ बार चुनाव जीत चुके
- लालू प्रसाद सरकार में भी मंत्री रहे
- राज्य के सबसे वरिष्ठ नेताओं में शामिल
समारोह में मौजूद प्रमुख नेता
शपथ ग्रहण समारोह में जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, राजीव रंजन सिंह, गिरिराज सिंह, जीतन राम मांझी, चिराग पासवान और उपेन्द्र कुशवाहा समेत कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे।
यह बदलाव बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है, जहां भाजपा के नेतृत्व में एनडीए सरकार आगे बढ़ेगी।
