2029-30 तक देश की दूसरी सबसे बड़ी बिजली परियोजना बनेगा नबीनगर एनटीपीसी, बिहार को मिलेगा 1500 मेगावाट अतिरिक्त बिजली

  • नबीनगर एनटीपीसी स्टेज-2 का निर्माण तेज, 4380 मेगावाट होगी कुल क्षमता

औरंगाबाद। बिहार के औरंगाबाद स्थित नबीनगर सुपर थर्मल पावर परियोजना (NSTPP) का विस्तार कार्य तेजी से जारी है। एनटीपीसी लिमिटेड की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का स्टेज-2 वर्ष 2029-30 तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद नबीनगर एनटीपीसी देश की दूसरी सबसे बड़ी ताप विद्युत परियोजना तथा पूर्वी भारत का सबसे बड़ा बिजली उत्पादन केंद्र बन जाएगा।

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परियोजना प्रमुख एलके बेहेरा ने मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि स्टेज-2 के तहत 800-800 मेगावाट क्षमता की तीन नई इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। पहली यूनिट से मार्च 2029, दूसरी से सितंबर 2029 और तीसरी से मार्च 2030 तक बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा।

1980 मेगावाट से बढ़कर 4380 मेगावाट होगी उत्पादन क्षमता

स्टेज-2 पूरा होने के बाद परियोजना की कुल बिजली उत्पादन क्षमता 1980 मेगावाट से बढ़कर 4380 मेगावाट हो जाएगी। इससे यह परियोजना देश की दूसरी सबसे बड़ी बिजली उत्पादन परियोजना बन जाएगी।

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एलके बेहेरा ने बताया कि वर्तमान में NSTPP बिहार को लगभग 1600 मेगावाट बिजली उपलब्ध करा रहा है, जो राज्य की कुल बिजली आवश्यकता का 25 प्रतिशत से अधिक है।

बिहार को मिलेगी 1500 मेगावाट अतिरिक्त बिजली

स्टेज-2 के तहत बनने वाली तीनों इकाइयों से कुल 2400 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा, जिसमें से 1500 मेगावाट बिजली बिहार को उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार में तेजी से बढ़ रहे औद्योगिक विकास और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना का विस्तार किया जा रहा है।

30 हजार करोड़ रुपये की लागत से बन रहा स्टेज-2

परियोजना प्रमुख के अनुसार स्टेज-2 के निर्माण पर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 30 मई 2025 को इस परियोजना के विस्तार कार्य का शिलान्यास किया था।

5 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

एनटीपीसी अधिकारियों के मुताबिक स्टेज-2 के निर्माण के दौरान और इसके बाद 4 से 5 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। इनमें 60 प्रतिशत से अधिक स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी गई है। शेष तकनीकी और अभियंत्रण कार्यों से जुड़े विशेषज्ञ बिहार समेत अन्य राज्यों से जुड़े हैं।

2024-25 में 800 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा

एलके बेहेरा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में परियोजना को लगभग 800 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी बिहार को सर्वाधिक जीएसटी देने वाली कंपनियों में शामिल है।

उन्होंने बताया कि झारखंड की विभिन्न कोयला खदानों से कोयला परिवहन के लिए रेलवे को प्रतिवर्ष 400 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा रहा है।

बिजली उत्पादन में बनाया रिकॉर्ड

परियोजना ने पिछले वर्ष 12932 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। एनटीपीसी प्रबंधन के अनुसार भविष्य में यह संयंत्र बिहार और पूर्वी भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा केंद्र बनेगा।

सीएसआर के तहत ग्रामीण विकास पर जोर

एनटीपीसी द्वारा सामाजिक निगमित दायित्व (CSR) के तहत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। कंपनी शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और ग्रामीण आधारभूत संरचना से जुड़ी कई योजनाओं पर काम कर रही है।

प्रेसवार्ता में महाप्रबंधक (परिचालन एवं अनुरक्षण) अनिल कुमार टीसी, महाप्रबंधक (परियोजना) राकेश शर्मा, महाप्रबंधक (एडीएम) मनोरंजन पाणिग्रही, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) ओंकारनाथ तथा जनसंपर्क कार्यपालक अतुल नाथ झा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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