राष्ट्रीय लोक अदालत 2026: ट्रैफिक चालान मामलों के शीघ्र निपटारे पर BSLSA की विशेष पहल

पटना: बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (BSLSA) के कार्यालय में मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान यातायात चालान मामलों के प्रभावी एवं त्वरित निपटारे को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए। इस प्रेस वार्ता का उद्देश्य आम नागरिकों को लोक अदालत के माध्यम से लंबित चालान मामलों के आसान समाधान के प्रति जागरूक करना था।

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प्रेस वार्ता को संबोधित करते बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के सदस्य सचिव धर्मेंद्र कुमार सिंह व अन्य।

यह पहल माननीय पटना उच्च न्यायालय की खंडपीठ—जिसमें माननीय मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू एवं न्यायमूर्ति हरीश कुमार शामिल थे—द्वारा पारित आदेश (सिविल रिट संख्या 20071/2025, रानी @ रानी तिवारी बनाम बिहार राज्य एवं अन्य) के आलोक में की गई है।

अधिकारियों ने दिए अहम सुझाव

प्रेस वार्ता के दौरान सदस्य सचिव धर्मेंद्र कुमार सिंह ने ट्रैफिक चालान मामलों के कुशल निपटारे के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए। उनके साथ संयुक्त सचिव अविनाश कुमार, रजिस्ट्रार आशुतोष रवि और सहायक रजिस्ट्रार सिया श्रुति भी उपस्थित रहीं।

ट्रैफिक चालान निपटारे के लिए 11 प्रमुख दिशा-निर्देश

1. मामलों का वर्गीकरण:
90 दिनों से अधिक लंबित चालानों और नए मामलों को अलग-अलग वर्गीकृत कर त्वरित निपटान सुनिश्चित किया जाएगा।

2. अभिलेखों की उपलब्धता:
सभी लंबित मामलों के भौतिक और डिजिटल दस्तावेज लोक अदालत से पहले संबंधित न्यायालयों में उपलब्ध कराए जाएंगे।

3. डिजिटल सिस्टम अपडेट:
हर चालान की अद्यतन स्थिति ऑनलाइन सिस्टम में दिखेगी और रियायती जुर्माने की स्वचालित गणना की सुविधा होगी।

4. रियल-टाइम डेटा एक्सेस:
अधिकृत अधिकारियों को मौके पर ही सत्यापन के लिए लाइव डेटा एक्सेस मिलेगा।

5. लक्षित नोटिस जारी:
वाहन मालिकों को चालान, जुर्माना, छूट और लोक अदालत की जानकारी के साथ नोटिस भेजे जाएंगे।

6. मल्टी-चैनल कम्युनिकेशन:
SMS, WhatsApp और फोन कॉल के माध्यम से सूचना प्रसारित की जाएगी।

7. जन-जागरूकता अभियान:
पेट्रोल पंप, पार्किंग स्थल, DTO कार्यालयों और सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

8. हेल्प डेस्क की व्यवस्था:
लोक अदालत स्थलों पर पैरालीगल वॉलंटियर्स और अधिवक्ताओं की मदद से सहायता केंद्र स्थापित होंगे।

9. भीड़ प्रबंधन:
टोकन सिस्टम, अलग-अलग काउंटर और डिस्प्ले बोर्ड के जरिए भीड़ नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा।

10. परिवहन विभाग के निर्देश:
DTOs को “एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना 2026” लागू करने के निर्देश दिए जाएंगे।

11. पुलिस समन्वय:
यातायात पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल से मामलों का सुचारू निपटारा होगा।

आम जनता से अपील

प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और अपने लंबित ट्रैफिक चालान मामलों का सरल, सस्ता और त्वरित समाधान प्राप्त करें।

क्या है राष्ट्रीय लोक अदालत?

राष्ट्रीय लोक अदालत एक वैकल्पिक विवाद निपटान मंच है, जहां आपसी सहमति से मामलों का तेजी से समाधान किया जाता है। इसमें ट्रैफिक चालान, बैंक लोन, बिजली बिल, पारिवारिक विवाद जैसे मामलों का निपटारा बिना लंबी कानूनी प्रक्रिया के किया जाता है।