शादी से नाराज प्रेमी ने सुपारी देकर दूल्हे के पिता पर कराई थी जानलेवा हमला


अम्बा(औरंगाबाद): औरंगाबाद के कुटुंबा में शादी के दिन दूल्हा के पिता को गोली मारने के आरोपी शूटर को पुलिस ने पटना से गिरफ्तार कर लिया है। दुल्हन के प्रेमी ने डेढ़ लाख रुपए की सुपारी दी थी। गिरफ्तार अपराधी की पहचान पटना के बिहटा थाना क्षेत्र के बिहटा गांव के रहने वाले जितेंद्र कुमार के रूप में की गई है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को बिहटा बाजार स्थित उसके घर से ही गिरफ्तार किया।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए अपराधी ने अपना जुर्म कबूल किया है। वारदात में शामिल मुख्य आरोपी दुल्हन के प्रेमी दिलीप कुमार समेत अन्य दो अपराधियों की तलाश जारी है। फिलहाल, घायल दूल्हे के पिता का इलाज पटना एम्स में चल रहा है।

गिरफ्तार आरोपी शूटर ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि दिलीप ने मुझे और मेरे साथियों को डेढ़ लाख रुपए की सुपारी दी थी। दिलीप ने हम लोगों को रकम देने के बाद कहा था कि दूल्हे या उसके पिता को शादी से पहले मार दो ताकि शादी रुक जाए। इसके लिए 50 हजार रुपए एडवांस भी मिला था।

पुलिस के अनुसार, घटना को अंजाम देने में तीन लोग शामिल थे। जो एक डिजायर कार में सवार होकर कुटुंबा थाना क्षेत्र के चिंतावन बिगहा गांव पहुंचे थे। अपराधियों ने पकड़े जाने या पहचाने जाने के डर से गाड़ी के नंबर प्लेट पर मिट्टी लगा दिया था।

पूछताछ में आरोपी शूटर ने बताया कि हम लोगों ने वारदात से पहले गांव में रेकी की थी और जब हम लोगों को दूल्हा नहीं मिला तो उसके पिता को गोली मार दी। उसने बताया कि जिस दिन लड़के की शादी थी, उस दिन हम लोग कुटुंबा थाना क्षेत्र के रसोईया गांव के पास थे। इसी दौरान दूल्हे के पिता बाजार से सामान लेकर लौट रहे थे।

उसने बताया कि दूल्हे के पिता सुनील पांडेय उर्फ अरुण पांडेय के स्कूटी को पहले टक्कर मारी, जिसके बाद वे गिर गए। इसके बाद उन पर फायरिंग कर दी। आरोपी ने बताया कि गोली सुनील पांडेय के सिर को निशाना बनाकर चलाई गई, लेकिन संयोगवश बुलेट सुनील पांडेय की बाईं आंख के नीचे लगी और वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए औरंगाबाद के एसपी अंबरीश राहुल के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी ने तकनीकी एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। इसी दौरान जितेंद्र को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार करने के बाद उसे पूछताछ के लिए कुटुंबा थाना लाया गया। जहां उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। उसने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और घटना को अंजाम देने में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है और घटना में उसकी संलिप्तता के ठोस प्रमाण मिले हैं। फिलहाल अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। थानाध्यक्ष इमरान आलम ने बताया कि जल्द ही फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।