पंचायत समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कुटुम्बा रेफरल अस्पताल में व्याप्त अनियमितता पर उठाए सवाल

अंबा औरंगाबाद। प्रखंड मुख्यालय के बहुद्देशीय भवन में गुरुवार को आयोजित पंचायत समिति की साधारण बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार को श्रद्धांजलि दी और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम में सहभागिता का संकल्प लिया। बैठक में गत बैठक की संपुष्टि के साथ क्षेत्रीय बैंक, स्वास्थ्य सेवा, समेकित बाल विकास परियोजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, वीबी जीरामजी योजना, कृषि विभाग, जीविका विभाग, 15वीं एवं षष्ठम वित्त आयोग की समीक्षा की गई। गत बैठक में लिए गए उन्नीस प्रस्तावों पर कार्रवाई से असंतुष्ट जनप्रतिनिधियों ने संबंधित विभाग के पदाधिकारियों पर निशाना साधा। जिस पर प्रखंड प्रमुख ने कहा की समीक्षा के दौरान जिन पदाधिकारियों ने अधूरी जानकारी दी है उनसे एक सप्ताह के अंदर पत्राचार के माध्यम से जवाब-तलब किया जाएगा। ग्राम पंचायत मटपा के पंचायत समिति सदस्य दिलीप पासवान ने प्रस्ताव रखा कि वार्ड संख्या पांच के महादलित टोला में एक भी सोलर लाइट नहीं लगाया गया है। जबकि उसी वार्ड में ऐसे स्थानों पर सोलर लाइट लगाया गया है जहां उसकी जरूरत नहीं है। बीपीआरओ दिव्य शक्ति ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। पंचायत में दस सोलर लाइट लगाने का निर्देश प्राप्त हुआ है। उस फंड से सार्वजनिक स्थानों पर सोलर लाइट लगा दिया जाएगा। मुखिया सरुण पासवान ने ग्राम पंचायत मटपा में अर्ध निर्मित पंचायत सरकार भवन का मामला उठाया। जिस पर कनीय अभियंता खुर्शीद ने बताया कि निर्माण कार्य कर रही कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है और पुनः एस्टीमेट बनाकर रिटेंडर के लिए भेज दिया गया है। डुमरी के मुखिया रविन्द्र यादव ने बहुउद्देशीय भवन के शौचालय को उपयोग लायक बनाने की मांग की।
स्वास्थ्य विभाग पर चर्चा के दौरान मुखिया मंजीत यादव, श्याम बिहारी राय, रविंद्र यादव और पंचायत समिति सदस्य चंद्रशेखर सिंह ने रेफरल अस्पताल कुटुंबा में व्याप्त अनियमितता पर सवाल उठाए। मंजीत यादव ने कहा की छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज करने की बजाय उन्हें रेफर कर दिया जाता है। जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रविन्द्र यादव ने बताया कि उनके पंचायत में स्वास्थ्य केंद्र का संचालन निजी भवन में किया जाता है। जबकि पंचायत में सरकारी भवन में पर्याप्त जगह है। श्याम बिहारी राय ने बताया कि ग्राम पंचायत परता के अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र देवरा में डॉक्टर की नियुक्ति नहीं होने के कारण लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि रेफरल अस्पताल कुटुंबा परिसर के दोनों मेडिकल में जेनेरिक और इथिकल दवाएं दी जाती है। मरीजों को मेन्यू के अनुसार खाना नहीं दिया जाता है और डिलीवरी के बाद एएनएम मरीजों से तीन से चार हजार रुपए वसूलतीं हैं। जिन पर नकेल कसने की जरूरत है। पंचायत समिति सदस्य अतुल पांडेय ने अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र अंबा में डॉक्टरों की नियुक्ति तथा 24 घंटे स्वास्थ्य सेवा बहाल करने की मांग की। वहीं जनप्रतिनिधियों ने डेड बॉडी को ढोने के लिए शव वाहन मुहैया कराने की मांग की। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी नवल किशोर सिंह ने बताया कि अस्पताल में 22 डॉक्टर नियुक्त है परंतु सिर्फ तीन डॉक्टर ड्यूटी दे रहे हैं। तीन डॉक्टर के भरोसे स्वास्थ्य व्यवस्था संभालना काफी मुश्किल हो जाता है। स्वास्थ्य केंद्रों एवं अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्रों पर शेड्यूल के अनुसार स्वास्थ्य कर्मियों से सेवाएं ली जा रही है। जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों पर अमल किया जाएगा। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने कहा कि आकांक्षी प्रखंड के रूप में कुटुंबा का चयन किया गया है। इसके कुछ इंडिकेटर स्वास्थ्य विभाग से संबंधित है। उनको पूरा करने के लिए जनप्रतिनिधियों के सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी। गर्भवती महिलाओं को आयरन और कैल्शियम की गोली नहीं लेने के कारण बच्चों में पोषण की कमी हो जाती है और जन्म के समय नवजात शिशु का वजन कम होता है। लोगों को जागृत करने की जरूरत है। वहीं नॉन कम्युनिकेबल डिजीज जैसे बीपी और शुगर के स्क्रीनिंग के लिए पंचायत में कैंप लगाकर जांच करने की आवश्यकता है। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि हॉस्पिटल कैंप लगाने के लिए पंचायतवार शेड्यूल जारी करे। हम लोग भरपूर समर्थन करेंगे। जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल में सिटी स्कैन मशीन और अल्ट्रासाउंड मशीन लगाए जाने की मांग की। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी श्वेता कुमारी ने बताया कि कुल 264 आंगनवाड़ी केंद्रों में से 80 सेंटर का संचालन आंगनवाड़ी भवन में किया जा रहा है। 72 सेंटर स्कूल व नीजी भवन में चल रहे हैं वहीं 11 भवन अर्ध निर्मित हैं। अगर अर्ध निर्मित भवनों को पूरा कर दिया जाए तो आंगनवाड़ी केंद्र का संचालन करने में सुविधा होगी। मुखिया रविंद्र यादव ने बताया कि उनके पंचायत में आठ नल जल योजना का काम पीएचईडी विभाग द्वारा कराया गया है। परंतु एक भी नल जल कामयाब नहीं है। नल जल योजना के गहन जांच की जरूरत है। आवास योजना में अनियमितता की शिकायत पर प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रियांशु वसु ने कहा कि साक्ष्य के साथ शिकायत करने पर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। प्रखंड प्रमुख ने सदन के माध्यम से प्रस्ताव लाया की अंबा सब्जी मार्केट की गली का एंक्रोचमेंट कर लिया गया है, जिससे रास्ता संकरा हो गया है। जिसे अतिक्रमण मुक्त करने की जरूरत है। सतबहिनी मंदिर के समीप मछली मार्केट होने के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होती है और मुख्य मार्ग पर भीड़भाड़ की स्थिति बनी रहती है। जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उचित जगह चिन्हित कर मछली मार्केट को शिफ्ट करने की जरूरत है। बस स्टैंड की जगह निर्धारित होने के बावजूद वाहनों का ठहराव बाजार में किया जाता है जिसके कारण हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। उन्होंने अंचल अधिकारी से कहा कि वाहनों को बस स्टैंड पर खड़ा कराने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। वहीं सतबहिनी मंदिर के समीप निजी विवाह मंडपों में समारोह के दौरान रात भर गाना बजाया जाता है जिसके कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानी होती है। विवाह मंडपों द्वारा तेज साउंड में डीजे बजाने पर पाबंदी लगाने की आवश्यकता है। इस मौके पर प्रखंड प्रमुख धर्मेंद्र कुमार, उप प्रमुख सुनीता सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रियांशु बसु, बीपीआरओ दिव्य शक्ति, एमओ अविनाश कुमार, कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा अवधेश कुमार अनिल, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी श्वेता कुमारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी नवल किशोर सिंह, हॉस्पिटल मैनेजर दीपक कुमार एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।