अमृत भारत स्टेशन योजना: पाटलिपुत्र जंक्शन का कायाकल्प, 49.30 करोड़ से बदलेगा स्वरूप

  • वंदे भारत के लिए 283 करोड़ का अत्याधुनिक कोचिंग कॉम्प्लेक्स हो रहा तैयार

पटना: भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पटना के पाटलिपुत्र जंक्शन (PPTA) का तेजी से पुनर्विकास हो रहा है। 2026-27 में 49.30 करोड़ रुपये की राशि से स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिससे यह पटना जंक्शन के विकल्प के रूप में विकसित होगा। साथ ही, वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव के लिए 283.16 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक कोचिंग कॉम्प्लेक्स भी बन रहा है।

पाटलिपुत्र जंक्शन का प्रस्तावित स्वरूप(AI इमेज)

पाटलिपुत्र जंक्शन क्यों बन रहा है प्रमुख रेलवे हब?

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पाटलिपुत्र जंक्शन पटना शहर के बढ़ते रेल यातायात के दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा तथा दानापुर और सोनपुर मंडलों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा। लंबी दूरी की ट्रेनों और दैनिक यात्रियों दोनों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन पर यात्री सुविधा, सुरक्षा, पहुंच-योग्यता और आधारभूत संरचना को पूरी तरह आधुनिक बनाया जाएगा। रेलवे ने पूरे प्रोजेक्ट की समय-सीमा 2027 रखी है।

वर्तमान स्थिति और आंकड़े

  • प्लेटफॉर्म: 5
  • ट्रेनें: करीब 33 जोड़ी मेल/एक्सप्रेस और 10 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनें
  • दैनिक यात्री आवाजाही: औसतन 21,734 (लगभग 22,000)
  • आय (वित्तीय वर्ष 2025-26): PRS से औसतन 31.26 लाख रुपये और UTS से 7.58 लाख रुपये प्रतिदिन

वंदे भारत कोचिंग कॉम्प्लेक्स: 283 करोड़ की बड़ी परियोजना

स्टेशन के समीप बन रहे पाटलिपुत्र कोचिंग कॉम्प्लेक्स की लागत पहले 199.36 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 283.16 करोड़ रुपये हो गई है। इस अत्याधुनिक मेंटेनेंस परिसर में निम्नलिखित सुविधाएं विकसित की जा रही हैं:

बनने के बाद ऐसा दिखेगा पाटलिपुत्र कोचिंग कम्प्लेक्स(एआई इमेज)
  • प्रशासनिक भवन
  • स्टेबलिंग लाइन
  • पिट लाइन
  • वॉशिंग लाइन
  • वर्कशॉप लाइन
  • इंस्पेक्शन बे

काम का 40-50% हिस्सा पूरा हो चुका है और इसे 18 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है। इस कॉम्प्लेक्स से दानापुर मंडल में वंदे भारत ट्रेनों (वर्तमान में 7 ट्रेन सेट्स) की संख्या बढ़ाकर 10 अतिरिक्त ट्रेनों तक रखरखाव की क्षमता बढ़ जाएगी।

क्या फायदे होंगे यात्रियों को?

  • एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं (विस्तृत वेटिंग हॉल, बेहतर लाइटिंग, साइनेज, लिफ्ट, एस्केलेटर)
  • बढ़ी हुई सुरक्षा (CCTV, बेहतर क्राउड मैनेजमेंट)
  • दिव्यांगजनों के लिए बेहतर पहुंच
  • स्वच्छता और पर्यावरण-अनुकूल डिजाइन

रेलवे का मानना है कि इन विकास कार्यों के पूरा होने के बाद पाटलिपुत्र जंक्शन बिहार का एक प्रमुख रेलवे हब बनकर उभरेगा, जहां यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक अनुभव मिलेगा।