जनगणना 2027: बिहार में स्व–गणना अभियान को बड़ी सफलता, 48.50 लाख लोगों ने लिया हिस्सा

  • 17 अप्रैल से 1 मई तक चला ऑनलाइन चरण सफल, 2 मई से घर-घर सर्वे शुरू; प्रगणक पूछेंगे 33 सवाल

पटना: भारत की आगामी जनगणना 2027 के तहत बिहार में चलाया गया स्व–गणना अभियान उल्लेखनीय रूप से सफल रहा है। 17 अप्रैल से 1 मई तक चले इस ऑनलाइन चरण में कुल 48,50,848 लोगों ने भागीदारी दर्ज कराई, जो राज्य में डिजिटल भागीदारी की बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1,68,564 लोगों ने स्व–गणना की प्रक्रिया शुरू की, जबकि 46,82,284 लोगों ने इसे सफलतापूर्वक पूरा किया। इस दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

इन जिलों में रही सबसे ज्यादा भागीदारी:

स्व–गणना में मधुबनी 6,05,824 के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद वैशाली (5,86,220) और दरभंगा (4,95,331) दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। वहीं गोपालगंज (3,06,491), पटना (2,38,750) और भोजपुर (2,09,462) जैसे जिलों में भी अच्छी भागीदारी दर्ज की गई।

अन्य प्रमुख जिले:

औरंगाबाद (1,64,143), खगड़िया (1,63,190), पश्चिम चंपारण (1,34,434), कटिहार (1,20,292), पूर्णिया (1,19,743), जमुई (1,13,975), मुजफ्फरपुर (1,09,797), सिवान (1,07,806), समस्तीपुर (1,03,443) और रोहतास (99,831) में भी बड़ी संख्या में लोगों ने स्व–गणना पूरी की।

इसके अलावा गया, मधेपुरा, सारण, नालंदा, बक्सर, नवादा, सुपौल, सीतामढ़ी, भागलपुर, शेखपुरा और सहरसा जैसे जिलों में भी संतोषजनक प्रगति देखी गई।

कम भागीदारी वाले जिले:

शिवहर (43,398), किशनगंज (42,140), जहानाबाद (39,165), बांका (29,978), बेगूसराय (29,724), कैमूर (26,609), अरवल (18,871), मुंगेर (18,415) और लखीसराय (14,415) में अपेक्षाकृत कम संख्या दर्ज की गई।

अब शुरू हुआ दूसरा चरण

स्व–गणना के बाद अब 2 मई से 31 मई तक घर-घर सर्वेक्षण अभियान शुरू हो चुका है। इस चरण में प्रगणक प्रत्येक परिवार से 33 बिंदुओं पर जानकारी एकत्र करेंगे।

जिन परिवारों ने पहले ही स्व–गणना कर ली है, उन्हें अपना SS ID प्रगणकों को देना होगा, ताकि उनके डेटा का सत्यापन किया जा सके। इससे प्रक्रिया तेज और सटीक होने की उम्मीद है।