आशा और वैक्सीन कुरियर का धरना – प्रदर्शन
आठ माह से नहीं मिली प्रोत्साहन राशि
अंबा औरंगाबाद। आशा एवं आशा फैसिलिटेटर तथा वैक्सीन कुरियर संघ ने शुक्रवार को रेफरल अस्पताल, कुटुंबा परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही बिहार राज्य आशा एवं आशा फैसिलिटेटर संघ की महामंत्री सुधा सुमन ने बताया कि विगत आठ माह से हमें प्रोत्साहन राशि एवं पारितोषिक राशि का भुगतान नहीं किया गया है। जिसके कारण हम लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। राज्य कमिटी के निर्देश पर आज बिहार के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रेफरल अस्पताल और सीएससी में प्रदर्शन किया जा रहा है। अगर सरकार हमारी मांगों को 31 मार्च तक पूरा नहीं करती है तो बिहार की सारी आशा कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली जाएगी। आगे उन्होंने कहा कि सरकार हमारे साथ हमेशा सौतेला व्यवहार करती आई है। केंद्रीय बजट में घोषणा की गई थी की आशा कार्यकर्ताओं का प्रोत्साहन राशि पंद्रह सौ रुपए बढ़ाकर पैंतीस सौ रुपए कर दिया जाएगा। परंतु अभी तक कैबिनेट में यह बिल पास नहीं किया गया। इसके विरोध में हम लोग एक अप्रैल को घोषणा पत्र की प्रति जलाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन में लालमुनी देवी, नीलम कुमारी, सुषमा कुमारी, कंचन कुमारी, सौभाग्यवती देवी, विंदा कुमारी राजेश कुमार उर्फ राजु सोनी, कन्हैया कुमार एवं सैंकड़ों आशा, ममता कार्यकर्ता शामिल थी।
आशा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने पर जताया विरोध
मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने पर संघ की महामंत्री सुधा सुमन ने विरोध जताते हुए कहा कि हम लोगों ने 16 मार्च को बिहार के मुख्यमंत्री, कार्यपालक निदेशक, मुख्य सचिव, स्वास्थ्य मंत्री और सभी प्रखंडों में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को धरना प्रदर्शन के संबंध में आवेदन दिया गया था। समृद्धि यात्रा के दौरान बारूण प्रखंड की आशा कार्यकर्ता शांति पूर्वक मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपने पहुंची तो जिला प्रशासन द्वारा उन्हें रोक दिया। जब वे अपनी मांगों पर अड़ी रही तब प्रशासन ने दस आशा कार्यकर्ता को हिरासत में ले लिया। जो अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि अगर शाम तक आशा कार्यकर्ताओं को सुरक्षित घर तक नहीं छोड़ा गया तो शनिवार को हम लोग जिले में बड़ा आंदोलन करेंगे।
