अम्बा (औरंगाबाद )अपहरण के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट कर जेल से बाहर निकले बदमाश ने व्यवसायी से एक लाख रूपये फिरौती की मांग की और पैसे न देने पर किडनैप करने तथा पुलिस के पास जाने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी. मामला अंबा बाजार के नवीनगर रोड निवासी अरुण कुमार गुप्ता के साथ घटित हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि फिरौती मांगने वाला बदमाश बड़ेम थाना क्षेत्र के कंकेर गांव निवासी परिखा साव का पुत्र दिलीप साव है. विदित हो कि वर्ष 2008 में दिलीप साव पर अरुण कुमार गुप्ता के बेटे ऋतिक राज के अपहरण और जानलेवा हमले का आरोप लगा था. उस समय पुलिस की दबिश के कारण उसने व्यवसायी के पुत्र ऋतिक को बाजार में छोड़ दिया था, जिसके बाद पुलिस ने बच्चे से अपराधी की पहचान कराकर उसे गिरफ्तार कर लिया था. अभियुक्त कुछ दिन पूर्व ही में जेल से रिहा हुआ और जेल से बाहर आते ही दुबारा व्यवसायी से एक लाख रूपये फिरौती मांगी. अरुण गुप्ता ने बताया कि बदमाश ने पहले भी धमकी भरा एक लेटर भी भेजा था। उस लेटर में लिखा है कि उसके 17 साल बर्बाद हुए है. अब वो किसी भी हद तक जा सकता है. लेटर में साफ शब्दों में लिखा गया था कि यदि रूपये नहीं दिए गए तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें.उसके बाद मोबाइल फोन के जरिए जान से मारने की धमकी दी. फोन कॉल में बदमाश ने खुद को पूरी तरह टूट चुका बताते हुए यह भी कहा कि वह अब किसी भी हद तक जा सकता है और कोई बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है. धमकी भरे लेटर में बदमाश ने भावनात्मक और डरावने शब्दों का इस्तेमाल किया। जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताते हुए 17 साल की सजा को अपने जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी बताया. उसने लिखा कि जेल जाने के कारण उसका पूरा परिवार बर्बाद हो गया। नहीं उसका घर बच्चा और ना ही उसका परिवार | थानाध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर है और मोबाइल ट्रैकिंग से बचने के लिए दो सौ किलोमीटर दूर जाकर फोन किया करता था. पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और सुत्रों की मदद से जाल बिछाकर योजनाबद्ध तरीके से बदमाश को गिरफ्तार किया और आवश्यक कार्रवाई के उपरांत जेल भेज दिया।

गिरफ्तार अपराधी दिलीप साव
