पटना: बिहार में शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। 23 सितंबर को शिक्षा विभाग द्वारा 24,600 शिक्षकों का जिला आवंटन किया गया, लेकिन अब तक इनका विद्यालय आवंटन नहीं हुआ है। इससे शिक्षकों और उनके परिवारों में भारी असंतोष व्याप्त है। बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ ने बुधवार को शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है, वरना आंदोलन की चेतावनी दी है।

यह मामला तब और गंभीर हो जाता है जब कुल 41,000 शिक्षकों ने ट्रांसफर के लिए आवेदन दिया था, जिसमें से केवल 24,600 को जिला आवंटित किया गया, जबकि 17,000 आवेदन अभी भी लंबित हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह देरी शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रही है और शिक्षकों में मानसिक तनाव बढ़ा रही है।
स्थानांतरण के बाद स्कूल आवंटन क्यों लटका? शिक्षकों की परेशानी बढ़ी
शिक्षा विभाग के 23 सितंबर के आदेश के तहत, शिक्षकों को उनके विकल्प के आधार पर जिला आवंटित किया गया था। लेकिन जिला स्तर पर डीईओ (जिला शिक्षा अधिकारी) द्वारा स्कूल आवंटन की प्रक्रिया में अस्पष्टता बनी हुई है। संघ के उपाध्यक्ष पीएस ठाकुर ने बताया, “हजारों शिक्षक जिला आवंटन के बावजूद जॉइनिंग से वंचित हैं। परिवार की स्थिरता प्रभावित हो रही है, और मानसिक तनाव आम हो गया है। कम से कम जिनका जिला आवंटन हो चुका है, उनका स्कूल आवंटन प्राथमिकता से हो।”शिक्षकों का कहना है कि यह देरी न केवल व्यक्तिगत जीवन बिगाड़ रही है, बल्कि स्कूलों में स्टाफ की कमी भी पैदा कर रही है। एक प्रभावित शिक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “ट्रांसफर का इंतजार महीनों से चल रहा है। बच्चे बिना शिक्षक के पढ़ रहे हैं, और हमारा परिवार बिखरा हुआ है।”
बिहार शिक्षक ट्रांसफर पॉलिसी 2025: क्या कहते हैं नए नियम?
बिहार सरकार ने हाल ही में शिक्षक ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव किए हैं। दिसंबर 2024 से नई प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें विशेष समस्या वाले शिक्षकों को 1-15 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन का मौका मिला। ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी ट्रांसफर सुनिश्चित करने का दावा है। पुरुष शिक्षकों को 10 अनुमंडल और महिला/दिव्यांग को 10 पंचायत चुनने का विकल्प दिया गया। लेकिन मौजूदा देरी से पॉलिसी की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
शिक्षा विभाग के अनुसार, 1.30 लाख शिक्षकों का जिला आवंटन हो चुका है, और जून 2025 तक स्कूल आवंटन पूरा करने का लक्ष्य है। फिर भी, वर्तमान 24,600 मामलों में तत्काल कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
संघ की मांग: त्वरित स्कूल आवंटन और जॉइनिंग, वरना आंदोलन
बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ ने ज्ञापन में स्पष्ट कहा है कि यदि शीघ्र स्कूल आवंटन नहीं हुआ, तो शिक्षक समुदाय सड़क पर उतरेगा। पीएस ठाकुर ने जोर देकर कहा, “विभाग को प्रक्रिया को प्राथमिकता दें। शिक्षक निश्चिंत होकर पढ़ा सकें, तभी शिक्षा सुधार संभव है।”
यह मुद्दा बिहार की शिक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करता है। पिछले वर्षों में भी ट्रांसफर देरी को लेकर विरोध हुआ था, और अब 2025 में भी वही समस्या बरकरार है।
बिहार में शिक्षक ट्रांसफर अपडेट: क्या होगा अगला कदम?
शिक्षा विभाग से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन स्रोतों के अनुसार, अगले सप्ताह तक स्कूल आवंटन सूची जारी करने की कोशिश की जा रही है। शिक्षकों को सलाह दी जाती है कि ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर नियमित अपडेट चेक करें।
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