16 सेमी के किडनी ट्यूमर को लेप्रोस्कोपी से हटाने में डॉ. कुमार राजेश रंजन की बड़ी सफलता

पटना : सत्यदेव सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटना में वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. कुमार राजेश रंजन ने 35 वर्षीय मधु कुमारी (बदला हुआ नाम) की जान बचाकर एक और मील का पत्थर स्थापित किया। मधेपुरा (बथनी, कुमरसीदाबाद) की रहने वाली मधु को पेशाब में खून आने की शिकायत थी। स्थानीय जांच में किडनी ट्यूमर का पता चला, जिसके बाद वे पटना पहुंचीं।

Satyadev hospital patna

उन्नत डायग्नोसिस से उनकी बाईं किडनी में 16 सेंटीमीटर से बड़े ट्यूमर की पुष्टि हुई। डॉ. रंजन ने लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के जरिए 2 घंटे की जटिल प्रक्रिया में इस विशाल ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाला। मधु अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। यह सर्जरी लेप्रोस्कोपी की एडवांस तकनीक का बेहतरीन उदाहरण है, जो कम चीरे, तेज रिकवरी और कम दर्द सुनिश्चित करती है।

किडनी कैंसर: लक्षण, कारण और सावधानियां

डॉ. कुमार राजेश रंजन ने बताया कि किडनी ट्यूमर का कोई निश्चित कारण नहीं होता, लेकिन जीन म्यूटेशन इसके लिए जिम्मेदार हो सकता है। पेशाब में खून, कमर में दर्द, या असामान्य थकान जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें। समय पर इलाज न होने पर किडनी कैंसर जानलेवा हो सकता है।

लेप्रोस्कोपी: किडनी ट्यूमर के लिए आधुनिक समाधानलेप्रोस्कोपिक सर्जरी एक न्यूनतम इनवेसिव तकनीक है, जो बड़े ट्यूमर को हटाने में भी प्रभावी है। सत्यदेव सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में यह तकनीक मरीजों को तेज रिकवरी और सुरक्षित उपचार प्रदान करती है।

बिहार में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं

यह सफलता न केवल मधु के लिए नया जीवन लेकर आई, बल्कि यह भी दर्शाती है कि बिहार में किडनी कैंसर जैसे जटिल रोगों का इलाज अब विश्वस्तरीय तकनीकों से संभव है। मरीजों को अब बड़े शहरों का रुख करने की जरूरत नहीं है।

संपर्क और सलाह

किडनी से संबंधित किसी भी समस्या के लिए सत्यदेव सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटना से संपर्क करें। समय पर निदान और उपचार जान बचाने की कुंजी है।

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