पटना। बिहार में शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया 2025 लगातार अधर में लटकी हुई है। दिसंबर 2024 में शुरू हुई इस प्रक्रिया में लगभग 1.90 लाख शिक्षकों ने आवेदन किया था। इनमें से करीब 1.30 लाख स्थानांतरण पूरे कर दिए गए, लेकिन शेष 60 हजार आवेदनों पर अब तक निर्णय नहीं हो सका है। खास बात यह है कि अंतर-जिला पुरुष शिक्षकों का एक भी ट्रांसफर नहीं हुआ है, जिससे नाराजगी और बढ़ गई है।

विभाग ने फिर मांगे आवेदन
शेष आवेदनों के लिए शिक्षा विभाग ने पुनः आवेदन मंगाए और नियमों में बदलाव कर शिक्षकों से तीन जिलों का विकल्प चुनने को कहा। विभाग के नए एसीएस डॉ. राजेंद्र ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि
5 से 13 सितंबर 2025 तक विकल्प भरे जाएंगे
14 से 18 सितंबर 2025 तक जिला आवंटन किया जाएगा
लेकिन तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी ट्रांसफर लिस्ट जारी नहीं हो पाई।
शिक्षक संगठन नाराज
बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनीश सिंह ने कहा कि नियमों में लगातार बदलाव और तिथि विस्तार से शिक्षक बेहद आक्रोशित हैं। इसका असर विद्यालयों के पठन-पाठन पर भी पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि चुनाव से पहले प्रक्रिया पूरी की जाए।
संघ के उपाध्यक्ष पीएस ठाकुर ने कहा कि विभाग पहले अनुमंडल स्तर, फिर 10 पंचायतों और अब तीन जिलों का विकल्प दे रहा है, लेकिन इसके बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो शिक्षक आंदोलन के लिए सड़क पर उतरेंगे।
सोशल मीडिया पर ट्रेंड बना “रिलीज ट्रांसफर लिस्ट”
रविवार को एक्स (Twitter) प्लेटफार्म पर शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा। ReleaseTransferList पूरे दिन ट्रेंड करता रहा। हजारों शिक्षकों ने पोस्ट कर लिखा – “विभाग नींद में सो रहा है, अब सब्र जवाब दे रहा है।”
(आप हमें Facebook, X, Instagram और Youtube पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं. Whatsapp channel से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें. Google News पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें)
