जुमलेबाज सरकार से त्रस्त है जनता : पूर्व मंत्री

अंबा औरंगाबाद। महागठबंधन तेजस्वी यादव के चेहरे पर बिहार के 243 सीटों पर विधानसभा का चुनाव लड़ेगी। हम लोग पूरे बिहार में कार्यक्रम के जरिए कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए तैयार कर रहे हैं। हमारी लड़ाई छलिया और जुमले बाज लोगों से है। ऐसे छलिया लोगों से दो – दो हाथ करने के लिए हमारे कार्यकर्ता ही काफी हैं। उक्त बातें बिहार सरकार के पूर्व मंत्री व राजद प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश पासवान ने गुरुवार को कुटुंबा विधानसभा कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान कही। कार्यकर्ताओं को संबोधन करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे देश में क्या हो रहा है इसकी चिंता भाजपा को नहीं है। आज भाजपा भारत सरकार के पुरे मंत्रिमंडल के साथ पटना में बैठी हुई है। परंतु उन्हें यह नहीं पता है कि मीडिया के सर्वे में बिहार की जनता ने दो माह पूर्व ही तेजस्वी यादव को 45% मत के साथ मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर दिया है। वोटर लिस्ट पुनरीक्षण के नाम पर 65 लाख लोगों का वोट काटकर यह लोग सुनाओ जीतना चाहते हैं पर उन्हें नहीं पता है कि बची हुई जनता इनको बिहार की राजनीति से काटकर हटा देंगी। डॉ. पासवान ने कहा कि बिहार की जनता को विश्वास है कि तेजस्वी के सरकार में लोग अमन, चैन, शांति और सद्भाव से रहेंगे। नफरत की राजनीति करने वालों का मालूम होना चाहिए कि देश की आजादी की लड़ाई में हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई सभी का खून बहा था। सभी की कुर्बानी से आजादी मिली थी। ये लोग भारत के संविधान को खंडित व बदलने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन देश की जनता उनके मंसूबों को कभी पूरा नहीं होने देगी। बिहार का चुनाव पर पूरे देश की नजर है। जिस दिन बिहार में तेजस्वी की सरकार बनेगी उसके एक पखवाड़े के अंदर केंद्र सरकार बालू के दीवार की तरह धाराशाई हो जाएगी। इसीलिए यह लोग बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर इतने बेचैन हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए

भाकपा माले के जिला सचिव कामरेड मुनारीक राम ने कहा कि कार्यकर्ताओं का उत्साह बता रहा है कि जनता बिहार में परिवर्तन का मूड बना चुकी है। पिछले दिनों वोटर अधिकार यात्रा में भारी मात्रा में लोगों का हुजूम उमड़ा, जिसने यह साबित कर दिया। एक तरफ एनडीए वाले कहते हैं कि सरकार में आने पर सभी को नौकरी दी जाएगी वहीं दूसरी तरफ नौकरी मांगने वाले बेरोजगार लोगों पर लाठियां बरसा रही है। अपने आप को सुशासन की सरकार कहने वाली सरकार कुशासन की सरकार बन गई है। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में इनको हराकर महागठबंधन की सरकार बनेगी।

पूर्व विधायक सुरेश मेहता ने कहा कि 2020 के चुनाव की तरह इस बार भी औरंगाबाद में एनडीए का सुपड़ा साफ रहेगा। पिछले लोकसभा के चुनाव में महागठबंधन ने यह साबित कर दिया है। इस मौके पर बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सह राजद प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ सुरेश पासवान, पूर्व विधायक सुरेश मेहता, माले जिला सचिव मुनारीक राम, वीआईपी जिला अध्यक्ष जगदीश चौधरी, राजद प्रखंड अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा, पूर्व प्रमुख मनोज यादव, सत्यनारायण यादव, जगनारायण यादव, पूर्व पंचायत समिति सदस्य सुरेश पासवान, वीरेंद्र मेहता, श्री मोहन मेहता, मुखिया रविंद्र यादव, मंजीत यादव, श्याम बिहारी राय, पुटूश यादव समेत हजारों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

सम्मेलन से दूर रही कांग्रेस
महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने कुटुंबा विधानसभा में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया परंतु कांग्रेस सम्मेलन से दूर रही। सम्मेलन में कांग्रेस का कोई भी नेता या कार्यकर्ता नहीं देखा गया। कांग्रेसियों को सम्मेलन से दूरी बनाते देख राजनीतिक गलियारे में महागठबंधन में टूट होने के कयास लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस महागठबंधन का मजबूत अंग है कांग्रेस के बगैर बिहार की सत्ता में काबिज हो पाना महागठबंधन के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। अब यह देखना है कि महागठबंधन कांग्रेस को अपने साथ लाने में कहां तक सफल हो पाती है।