औरंगाबाद(लाइव इंडिया न्यूज 18 ब्यूरो)। कहने को तो बड़े-बड़े संत महात्मा दलितों को अछूत मानने से इंकार करते है लेकिन वें शायद ही किसी दलित बस्ती में किसी धार्मिक कार्यक्रम में शामिल नजर आते है। वही बिहार के जाने माने यज्ञाचार्य व मां कामाख्या के साधक बाबा राकेश पांडेय जी महाराज इन दिनों औरंगाबाद के कुटुम्बा प्रखंड के डुमरा पंचायत में दलितों की बस्ती कसौटी में नवनिर्मित मंदिर में माता मैहर वाली की प्राण प्रतिष्ठा का सात दिवसीय आयोजन कराते हुए इस मिथक को गलत साबित कर रहे है। इस दौरान बाबा का प्रवचन सुनने श्रद्धालु और भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

प्रवचन करते हुए राकेश बाबा हिंदु समाज में व्याप्त कुरीतियों और सामाजिक बुराईयों पर करारी चोट कर रहे है। बाबा का प्रवचन सबके मन को भा रहा है। आयोजन के पांचवें दिन प्रवचन करते हुए बाबा ने कहा कि मैहर मां की महिमा अपरंपार है। उनके पास आया कोई शख्स खाली हाथ नहीं लौटता है। मां सबकी मनोकामनाओं को पूरा करती है। मां की पहली पूजा आज भी उनके परमभक्त आल्हा करते हैं। रात को मंदिर की साफ-सफाई होती है और कपाट बंद कर दिए जाते हैं। सुबह जब मंदिर के कपाट खुलते हैं तो पूजा हो चुकी होती है। मां को सुंदर फूल चढ़ा मिलता है।

उसी दिव्य और महान मैहर वाली मां की यहां प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। आप सबको भी यहां मां का आर्शीवाद मिलेगा और आपकी मनोकामनाएं पूरी होगी। वही दलित बस्ती में ही इस धार्मिक आयोजन के बारे में बात करने पर राकेश बाबा ने कहा कि वें दलित शब्द को राजनीतिक शब्द मानते है। उनकी नजर में कोई दलित नही है। सभी ईश्वर और मां की संतान है। जैसे ईश्वर और मां सबको समान भाव से देखते है, उनके लिए कोई छोटा-बड़ा नही, सभी एक समान है। उसी तरह मेरे लिए भी सभी श्रद्धालु और भक्त जन एक समान है। मुझे लोग बड़ा या छोटा बाबा माने, यह भक्तों पर निर्भर करता है। मैं तो अपने आपको सत्य सनातन धर्म के सागर की एक बूंद भर मानता हूं। इससे बढ़कर मैं कुछ भी नही हूं। मेरे भक्त मुझे जहां बुलाते है, वहां आता हूं और धार्मिक आयोजन संपन्न कराता हूं। मेरे इस धार्मिक कार्य में कही कोई भेदभाव की गुंजाइश नही है। सभी मानव है और मैं भी मानव हूं और सभी मानव एक समान है।
आयोजन समिति के मुख्य कर्ता धर्ता व डुमरा पंचायत के पूर्व मुखिया अरविंद राम ने बताया कि मां मैहरवाली की प्राण प्रतिष्ठा के धार्मिक आयोजन का आज पांचवां दिन है। कल मां की शोभा यात्रा निकलेगी और अगले दिन वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा और महाभंडारा के साथ यह धार्मिक आयोजन संपन्न हो जाएगा।
