रोहतास (बिहार): केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बिहार के सासाराम में केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के प्रिंसिपल मयंक कुमार श्रीवास्तव को 32,000 रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई की सतर्कता और कठोर नीति को दर्शाती है।
सीबीआई ने 21 मई 2025 को एक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया। शिकायतकर्ता, जो एक निजी उद्यमी और सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) के पंजीकृत आपूर्तिकर्ता हैं, ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल मयंक कुमार श्रीवास्तव ने उनके 1.92 लाख रुपये के लंबित बिल को मंजूरी देने के लिए 32,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
सीबीआई ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत की राशि स्वीकार करते हुए सासाराम में केवीएस परिसर के आसपास रंगे हाथों पकड़ा। गिरफ्तार आरोपी को 22 मई 2025 को सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा।
मामले का विवरण:
आरोपी: मयंक कुमार श्रीवास्तव, प्रिंसिपल, केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस), सासाराम, बिहार
रिश्वत की राशि: 32,000 रुपये
शिकायतकर्ता: निजी उद्यमी, GeM पंजीकृत आपूर्तिकर्ता
आरोप: 1.92 लाख रुपये के लंबित बिल को मंजूरी देने के लिए रिश्वत की मांग
सीबीआई की कार्रवाई: जाल बिछाकर रंगे हाथों गिरफ्तारी
अगला कदम: 22 मई 2025 को सीबीआई कोर्ट में पेशी
सीबीआई ने कहा कि जांच अभी जारी है और मामले के अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी। यह घटना बिहार के रोहतास जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देती है।
स्थानीय प्रभाव :
इस घटना ने स्थानीय समुदाय और शैक्षणिक संस्थानों में हलचल मचा दी है। केंद्रीय विद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में इस तरह की घटना ने लोगों में आश्चर्य और चिंता पैदा की है।
सीबीआई की अपील
सीबीआई ने जनता से भ्रष्टाचार से संबंधित जानकारी साझा करने की अपील की है। अधिक जानकारी के लिए www.cbi.gov.in पर संपर्क करें।
