बिहार सरकार की नई पहल, बुजुर्गों को भी मिलेगा लाभ
पटना: बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के लिए जल्द ही विशेष बस सेवा शुरू की जाएगी। महिलाओं के लिए पिंक बस सेवा के बाद अब परिवहन विभाग ने दिव्यांग यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 14 सीएनजी आधारित लो-फ्लोर बसें खरीदने का निर्णय लिया है। इन बसों का परिचालन सबसे पहले पटना में किया जाएगा।
परिवहन विभाग करीब 6 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से इन अत्याधुनिक बसों की खरीद कर रहा है। बसों में दिव्यांग यात्रियों की जरूरतों के अनुरूप कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे उनकी यात्रा अधिक सुरक्षित, आसान और सम्मानजनक बन सकेगी।
बसों में मिलेंगी ये खास सुविधाएं
नई स्पेशल बसों में सामान्य सीढ़ियों की जगह रैंप लगाया जाएगा, ताकि व्हीलचेयर उपयोग करने वाले यात्री आसानी से बस में चढ़ और उतर सकें। इसके अलावा बसों में व्हीलचेयर पार्किंग स्पेस, कम ऊंचाई वाली सीटें, मजबूत हैंडरेल और ऑडियो अलर्ट सिस्टम जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी।

इन सुविधाओं का उद्देश्य दिव्यांगजन, बुजुर्ग और चलने-फिरने में असुविधा महसूस करने वाले यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।
बिहार में 23 लाख से अधिक दिव्यांगजन
सरकारी आंकड़ों के अनुसार बिहार में दिव्यांगजनों की संख्या 23 लाख से अधिक है। फिलहाल बीएसआरटीसी की बसों में उनके लिए सीटें आरक्षित रहती हैं, लेकिन सामान्य बसों में चढ़ने-उतरने और यात्रा के दौरान उन्हें कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
नई लो-फ्लोर बसों के संचालन से दिव्यांग यात्रियों के साथ-साथ बुजुर्गों को भी काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
चार महीने में मिलेंगी बसें
निगम अधिकारियों के अनुसार बसों का ऑर्डर जेम पोर्टल के माध्यम से दिया जा चुका है। अगले चार महीने के भीतर बसों की डिलीवरी होने की संभावना है। बसों के रूट और किराए का निर्धारण डिलीवरी के बाद किया जाएगा।
पहले चरण में इन बसों का संचालन पटना में होगा, जबकि भविष्य में इन्हें राज्य के अन्य जिलों तक विस्तारित करने की योजना है। बिहार सरकार की यह पहल दिव्यांगजनों के लिए सुगम और समावेशी परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
