Bihar Land Fordgery: रिसियप के एक परिवार की जमीन पर भू-माफिया की बुरी नजर, न्याय के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित परिवार

औरंगाबाद(लाइव इंडिया न्यूज 18 ब्यूरो)। बिहार में किसी की जमीन हड़पने के लिए भू-माफियाओं के खेल के  चर्चे आये दिन आम होते है। ऐसा ही एक खेल औरंगाबाद के कुटुम्बा प्रखंड के रिसियप में भी खेला गया है, जहां भू-माफिया ने एक पिता के दो पुत्रों का तीसरा भाई भी खड़ा कर दिया। मामले की इलाके में चर्चा जोरो पर है। इसे लेकर संबंधित न्यायालय और ग्राम कचहरी में दोनों पक्षों के बीच कानूनी दांवपेंच का संघर्ष चल रहा है।                    

मोहर महतो के दो लड़के, तीसरे को भू-माफिया ने आसमान से टपकाया

पीड़ित युगेश कुमार ने बताया कि मेरे परदादा स्वर्गीय मोहर महतो के दो पुत्र स्व. जगदेव मेहता और स्व. बौद्ध मेहता थे।इनके अलावा मेरे दादा के कोई भाई नही थे और वह स्व. जगदेव मेहता के पौत्र है। इस बीच 2014 में कुंदन कुमार नाम के एक व्यक्ति ने दुःखनी कुंवर के नाम पर रिसियप ग्राम कचहरी के तत्कालीन सरपंच के यहां वंशावली बनाने के लिए आवेदन दिया। आवेदन में दावा किया गया कि दुःखनी कुमार के पिता स्व. महादेव मेहता है, जो स्व. मोहर मेहता के पुत्र है।     

ग्राम कचहरी ने 2015 में महिला के आवेदन को किया खारिज, नही दी वंशावली

मामले की सुनवाई के दौरान रिसियप ग्राम कचहरी के तत्कालीन सरपंच ने दुःखनी कुंवर के दावे के आलोक में वैधानिक दस्तावेज की मांग की, जिसे प्रस्तुत नही किया जा सका। इसके बाद ग्राम कचहरी ने वादी के विरुद्ध आदेश पारित किया, जिसका बाजाप्ता नकल उनके(युगेश कुमार) पास मौजूद है।     

अंचल कार्यालय के दस्तावेज में की गई हेराफेरी

पीड़ित परिवार के युगेश मेहता ने आरोप लगाया कि ग्राम कचहरी से वंशावली नही मिलने के बाद पुनः फर्जीबाड़ा करते हुए कुटुम्बा अंचल कार्यालय के दस्तावेज में हेराफेरी कराई गई। इस दौरान डिमांड रजिस्टर में मोहर मेहता के दो पुत्र के जगह पर महादेव मेहता को तीसरा पुत्र बना दिया गया। इस हेराफेरी के खिलाफ उन्होने औरंगाबाद की अदालत में टाईटल सूट नंबर-527/2014 दाखिल कर रखा है। साथ ही उनके द्वारा की गई शिकायत के आलोक में औरंगाबाद के जिलाधिकारी द्वारा वैधानिक दस्तावेज की जांच कराई जा रही है।    

वंशावली के लिए भू-माफिया ने दिया पुनः आवेदन, सरपंच की मंशा पर संदेह

पीड़ित का आरोप है कि कुटुम्बा अंचल कार्यालय में किये गये फर्जीवाड़े को वंशावली के आधार पर सही ठहराने के गलत इरादे से भू-माफिया ने पुनः रिसियप ग्राम कचहरी के सरपंच के यहां वंशावली के लिए आवेदन दिया है। इस मामले में उन्हे रिसियप ग्राम कचहरी के वर्तमान सरपंच रेहाना परवीन की भूमिका पर संदेह है।             

रिश्वत लेकर वंशावली दे सकते है सरपंच पति

युगेश कुमार ने आरोप लगाया कि सरपंच के पति रशीद आलम ने भू-माफिया से मिलीभगत कर ली है। उन्हे संदेह है कि सरपंच पति रिश्वत लेकर भू-माफिया को वंशावली दे सकते है।  उन्होने आरोप लगाया कि सरपंच पति ने उन्हे धमकी दी है कि पूर्व के सरपंच द्वारा जारी आदेश वापस कर दे, अन्यथा वह प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेजवा देंगे।   

मामले की सुनवाई के दौरान सरपंच पति ने दिखाई दबंगई

पीड़ित ने बताया कि बुधवार को ईद मिलाद्दुनबी की छुट्टी थी। छुट्टी के दिन भी सरपंच पति ने पत्नी सरपंच के साथ बैठ कर वंशावली आवेदन की सुनवाई की। आरोप है कि सुनवाई के दौरान सरपंच पति ने दबंगई दिखाई। धमकी देते हुए कहा कि मैं वंशावली बनाकर दे दूंगा। तुम्हे जो करना है, कर सकते हो, तुम मेरा कुछ भी नही बिगाड़ सकते।      

न्याय के लिए दर-दर की ठोकरे खा रहा पीड़ित परिवार

अब पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर की ठोकरे खा रहा है। पीड़ित परिवार सरपंच से लेकर अंचल कार्यालय, डीएम कार्यालय और अदालत का चक्कर काटने को मजबूर है। मामले ने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। सवाल यह कि आखिर कैसे जमीन के कागजात में हेराफेरी की जाती है? इस हेराफेरी के पीछे कौन-कौन लोग है? सवाल यह भी है कि अगर पीड़ित परिवार का कथन सही हैं, तो जमीन के रिकॉर्ड में हेरफेर कैसे हुआ? मामले में संबंधित विभाग से लेकर पुलिस और प्रशासन की भूमिका क्या रही? और आखिर कब मिलेगी पीड़ित को इंसाफ?

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