औरंगाबाद। रोहतास जिले के डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की शनिवार देर रात औरंगाबाद जिले के बारुण में सोन नहर के रास्ते में हत्या कर दी गई। वे डेहरी से पटना जा रहे थे। हत्या के बाद प्रशासनिक महकमें में हड़कंप मच गया है। वहीं हत्या के मामले में पुलिस जांच ने नया मोड़ ले लिया है। घटना के कुछ घंटों के भीतर ही पुलिस ने उनके चालक मिथिलेश को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक पूछताछ में चालक की संलिप्तता सामने आई है और उसने वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार की है। उसके कपड़ों पर खून के धब्बे मिलने के बाद शक और गहरा गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हत्या में चालक अकेला था या उसके साथ अन्य लोग भी शामिल थे।
जानकारी के अनुसार, विमल कुमार शनिवार रात डेहरी में आयोजित ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कार से पटना लौट रहे थे। रास्ते में औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र स्थित धनौती लख के पास उनकी कार सड़क किनारे खाई में मिली। गंभीर हालत में उन्हें नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जमुहार ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमार्टम में आई गम्भीर चोट की बात
शुरुआत में गोली मारकर हत्या की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम की प्रारंभिक जांच में मामला पूरी तरह बदल गया। सासाराम सदर अस्पताल में मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में शरीर पर कई गंभीर चोटें, टूटी हुई हड्डियां तथा गला, छाती और पीठ पर गहरे जख्म मिले हैं। डॉक्टरों ने गोली लगने की पुष्टि नहीं की है। शुरुआती निष्कर्षों के आधार पर आशंका है कि ईओ की किसी भारी वस्तु, संभवतः लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या की गई।
औरंगाबाद पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा ने बताया कि चालक ने पूछताछ के दौरान कई बार अपने बयान बदले, जिससे उस पर संदेह गहरा गया। मृतक की पत्नी ने भी सबसे पहले चालक पर ही हत्या का शक जताया था। फिलहाल पुलिस हत्या के पीछे की वजह, साजिश और अन्य संभावित आरोपितों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद कई अहम खुलासे होने की संभावना है।

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