- बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला, गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अधिक परिवारों को मिलेगी आर्थिक सहायता
पटना। बिहार सरकार ने गंभीर एवं असाध्य बीमारियों से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के तहत लाभ प्राप्त करने की आय सीमा बढ़ा दी है। अब वार्षिक ₹4 लाख तक आय वाले मरीज भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। पहले यह सीमा ₹2.50 लाख निर्धारित थी।

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वास्थ्य विभाग के इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस निर्णय से राज्य के हजारों जरूरतमंद मरीजों को महंगे और गंभीर रोगों के उपचार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध हो सकेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की थी योजना की शुरुआत
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष की शुरुआत वर्ष 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में की गई थी। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज में वित्तीय सहायता प्रदान करना है। योजना के माध्यम से अब तक हजारों मरीजों को उपचार के लिए सहायता राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के तहत 27,890 मरीजों को कुल ₹216.75 करोड़ की सहायता राशि दी गई। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में मार्च 2026 तक 25,731 मरीजों को ₹202.63 करोड़ की सहायता प्रदान की गई। इसके अलावा अप्रैल 2026 में 2,028 मरीजों को ₹17.79 करोड़ की आर्थिक मदद उपलब्ध कराई गई।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय जनहित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। आय सीमा बढ़ने से अब अधिक संख्या में पात्र परिवार मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष का लाभ प्राप्त कर सकेंगे और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार गंभीर एवं महंगी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह फैसला स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
