- 25 मई को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन, 10 जून को गया में किसान महापंचायत
पटना। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) बिहार राज्य परिषद की दो दिवसीय बैठक 22-23 मई 2026 को राहुल सांकृत्यायन नगर, छपरा में संपन्न हुई। बैठक के बाद पटना स्थित जनशक्ति भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पार्टी नेताओं ने राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ व्यापक जनसंघर्ष तेज करने की घोषणा की।

बैठक में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बढ़ती कीमतों, बिहार में बढ़ते अपराध, महिलाओं और बच्चियों पर अत्याचार, भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी, नीट परीक्षा पेपर लीक और बुलडोजर नीति के खिलाफ आंदोलन चलाने का फैसला लिया गया।
25 मई को बिहार भर में धरना-प्रदर्शन
भाकपा ने किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन और नौजवान संघ द्वारा 25 मई 2026 को सभी जिला मुख्यालयों पर आयोजित संयुक्त धरना-प्रदर्शन को समर्थन देने का निर्णय लिया है। पार्टी नेताओं ने आम जनता से इसमें बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।
गया में 10 जून को किसान महापंचायत
बैठक में 10 जून 2026 को गया में किसान महापंचायत आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा आगामी वर्षाकालीन विधानसभा सत्र के दौरान जनसंगठनों की ओर से विधानसभा मार्च भी किया जाएगा।
अगस्त में पूरे बिहार में पदयात्रा
भाकपा ने केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ 6 से 15 अगस्त 2026 तक पूरे बिहार में पंचायत और प्रखंड स्तर पर पदयात्रा निकालने का ऐलान किया है। वहीं शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर 28 सितंबर 2026 को दिल्ली में आयोजित रैली में बिहार से बड़ी संख्या में लोगों को ले जाने का निर्णय लिया गया।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाकपा उतारेगी उम्मीदवार
भाकपा ने बिहार विधान परिषद के सारण और तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने की घोषणा की है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विद्या सागर विद्यार्थी और तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से वर्तमान विधान पार्षद प्रो. संजय कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया जाएगा। पार्टी ने महागठबंधन दलों से बातचीत कर संयुक्त उम्मीदवार उतारने की बात कही है।
टाउनशिप योजना और बुलडोजर नीति का विरोध
बैठक में प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार से प्रस्तावित टाउनशिप योजना वापस लेने की मांग की गई। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह योजना कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने और गरीब किसानों की जमीन हड़पने की कोशिश है।
भाकपा नेताओं ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर बुलडोजर कार्रवाई केवल बड़े कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा देने का माध्यम बन रही है। पार्टी ने बिहार में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और कॉरपोरेट समर्थक नीतियों के खतरे को लेकर भी चिंता जताई।
कानून-व्यवस्था और महंगाई पर सरकार को घेरा
भाकपा ने बिहार में हत्या, अपराध और खराब कानून-व्यवस्था के लिए भाजपा-जदयू सरकार को जिम्मेदार ठहराया। पार्टी ने कहा कि राज्य में रोज हत्या और अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं तथा सरकार स्थिति संभालने में विफल साबित हो रही है।
पार्टी नेताओं ने पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की लगातार बढ़ती कीमतों को आम जनता पर आर्थिक बोझ बताते हुए कहा कि इसका सीधा असर खाने-पीने की चीजों, हॉस्टल, पीजी, ढाबों और छोटे व्यवसायों पर पड़ रहा है।
बिहार में रोजगार, शिक्षा और कृषि संकट पर चिंता
बैठक में कहा गया कि बिहार आज भी उद्योगविहीन राज्य बना हुआ है और बड़ी संख्या में पलायन जारी है। भूमि सुधार अधूरा रहने, कृषि संकट, बाढ़-सुखाड़, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को गंभीर समस्या बताया गया।
भाकपा ने रोजगार, महंगाई, भूमि सुधार और कृषि संकट जैसे मुद्दों पर व्यापक जनआंदोलन चलाने की बात कही।
