पटना: बिहार की बैंकिंग सेक्टर में मील का पत्थर साबित हुआ है। राज्य ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहली बार 60.21 प्रतिशत का Credit-Deposit Ratio (CD Ratio) हासिल कर नया कीर्तिमान रचा है। यह उपलब्धि राज्य की बढ़ती आर्थिक गतिविधियों, निवेश और बैंकिंग प्रणाली में people’s विश्वास को दर्शाती है। विकास आयुक्त ने सराहा समन्वित प्रयासविकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय बैंकिंग समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई।

बैठक में बैंकों के CD Ratio, जमा, ऋण वितरण और प्राथमिकता क्षेत्रों में वित्तीय प्रवाह की विस्तृत समीक्षा की गई।विकास आयुक्त ने इसे राज्य सरकार, बैंकों और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि कृषि, MSME, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण और स्टार्टअप क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ने से बिहार की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।
बिहार के बैंकिंग आंकड़े (2025-26)
- कुल जमा राशि: ₹6,15,428 करोड़
- कुल ऋण वितरण: ₹3,70,563 करोड़
पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि:
- जमा राशि में ₹51,983 करोड़ की बढ़ोतरी
- ऋण वितरण में ₹37,882 करोड़ की बढ़ोतरी
नोट: वर्ष 2018-19 में बिहार का CD Ratio मात्र 44.09% था, जो अब लगातार बढ़कर 60.21% हो गया है।
टॉप CD Ratio वाले बैंक (2025-26)
| रैंक | बैंक का नाम | CD Ratio |
|---|---|---|
| 1 | स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक | 168.78% |
| 2 | बंधन बैंक | 153.32% |
| 3 | बैंक ऑफ महाराष्ट्र | 145.72% |
| 4 | HDFC बैंक | 95.87% |
| 5 | कोटक महिंद्रा बैंक | 95.57% |
| 6 | ICICI बैंक | 82.37% |
| 7 | एक्सिस बैंक | 77.16% |
| 8 | बिहार ग्रामीण बैंक | 64.95% |
CD Ratio बढ़ाने की जरूरत वाले बैंक
बैठक में कुछ बैंकों के कम CD Ratio पर चिंता जताई गई। इनमें शामिल हैं:
- इंडियन ओवरसीज बैंक: 42.20%
- IDBI बैंक: 43.47%
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया: 43.63%
- बैंक ऑफ इंडिया: 43.73%
- पंजाब नेशनल बैंक: 44.57%
विकास आयुक्त ने इन बैंकों को कृषि और MSME क्षेत्र में अधिक ऋण वितरण बढ़ाने का निर्देश दिया।किसानों को बड़ी राहत, KCC पर फोकसमिहिर कुमार सिंह ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए सभी बैंकों को निर्देश दिए कि आवेदन और नवीनीकरण की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जाए।मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर 19 मई से “सहयोग शिविर” शुरू हो रहे हैं। हर 15 दिन में आयोजित होने वाले इन शिविरों में KCC संबंधी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाएगा।महत्वपूर्ण निर्णय: KCC योजना को जन समर्थ पोर्टल के साथ एकीकृत करने का फैसला लिया गया है, जिससे किसानों को डिजिटल तरीके से तेज और पारदर्शी ऋण मिल सकेगा।
बिहार में CD Ratio के 60% पार करने से राज्य में औद्योगिक, कृषि और MSME क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की उम्मीद जगी है। सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है।
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