11 हजार वोल्ट की लाइन का तार टूटकर गिरा, बिजली आपूर्ति ठप; ग्रामीण उग्र पीएन सी कंपनी की ऑफिस पर किया प्रदर्शन

पीएनसी कंपनी पर लगा लापरवाही का आरोप

पीएनसी कंपनी की लापरवाही से 11 हजार वोल्ट लाइन क्षतिग्रस्त, 15 घंटे ठप रही बिजली; ग्रामीणों ने किया गेट जाम

अंबा (औरंगाबाद)। भारतमाला परियोजना के तहत वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण करा रही पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड के धनीबार स्थित बेस कैंप में मंगलवार रात वाहन चालकों की लापरवाही से 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके कारण धनीबार, विराज बिगहा, गोडीहा, सरईवार, बहेरा, कंठी बिगहा, कुशही, सिमरी, सिमरीवाला, कुशवाहा नगर, कईला बिगहा, मटपा, कृपा बिगहा समेत दर्जनों गांवों की बिजली आपूर्ति करीब 15 घंटे तक बाधित रही।
घटना से नाराज किसानों और ग्रामीणों ने बुधवार सुबह पीएनसी कंपनी के मुख्य गेट को बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी की लापरवाही से चार-पांच बार विद्युत तार क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बार-बार परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि कंपनी स्थानीय समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है और स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं कर रही है।
ग्रामीणों ने एनएच-139 के किनारे कंपनी के वाहनों को खड़ा करने पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि सड़क के एक हिस्से पर वाहनों के कब्जे से आवागमन बाधित होता है। साथ ही कॉलोनी से धनीबार तक सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव नहीं होने से उड़ती धूल राहगीरों और बाइक सवारों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
किसानों ने बताया कि आर्द्रा नक्षत्र में धान का बिचड़ा डालने का यह महत्वपूर्ण समय है। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से सिंचाई कार्य प्रभावित हुआ है। उत्तर कोयल नहर के दक्षिणी भू-भाग के किसान खेती के लिए मुख्य रूप से बारिश और मोटर आधारित सिंचाई पर निर्भर हैं। एक ओर कमजोर मानसून की चिंता है तो दूसरी ओर बार-बार बिजली बाधित होने से खेती पर संकट गहरा रहा है।
बाद में कंपनी प्रबंधन द्वारा समस्या के स्थायी समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त कर मुख्य गेट खोल दिया।

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