आजादी के बाद पहली बार रावघाट पहुंची ट्रेन, 1628 करोड़ की रेल परियोजना पूरी

  • रावघाट-रायपुर यात्री सेवा शुरू, किराया 55 रुपये; रायपुर में 300 इलेक्ट्रिक इंजनों के रखरखाव केंद्र का शिलान्यास

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के रेल विकास में मंगलवार को ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ी। आजादी के बाद पहली बार ट्रेन रावघाट पहुंची। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की उपस्थिति में ताड़ोकी-रावघाट और अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइन का उद्घाटन किया गया। साथ ही रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरूद के बीच नई यात्री रेल सेवाएं शुरू की गईं। इस अवसर पर रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन रखरखाव केंद्र का शिलान्यास भी हुआ। रेल मंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।

95 किमी रेल लाइन से औद्योगिक विकास को मिलेगी गति

दल्लीराझरा-रावघाट के बीच 1628 करोड़ रुपये की लागत से 95 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का निर्माण पूरा हो गया है। ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर का अंतिम खंड पूरा होने के साथ परियोजना का काम संपन्न हुआ।

रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित होने से दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को आवागमन की सुविधा मिलेगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के अवसरों तक पहुंच आसान होगी। साथ ही, रावघाट क्षेत्र से लौह अयस्क की ढुलाई को गति मिलने से भिलाई इस्पात संयंत्र सहित लौह-इस्पात उद्योग को लाभ होगा। इससे माल परिवहन सुगम होने और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।

रावघाट से रायपुर का किराया 55 रुपये

रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरूद यात्री रेल सेवाएं शुरू होने से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों और व्यापारियों को लाभ मिलेगा। रावघाट से रायपुर तक यात्रा का किराया 55 रुपये निर्धारित किया गया है। राजधानी तक सीधी रेल सुविधा मिलने से इलाज, शिक्षा, रोजगार और कारोबार के लिए आवागमन आसान होगा। किसानों को कृषि उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए भी परिवहन का बेहतर विकल्प मिलेगा।

अभनपुर-कुरूद के बीच 22 किमी लाइन तैयार

केन्द्री-धमतरी और अभनपुर-राजिम गेज परिवर्तन परियोजना के तहत अभनपुर-राजिम खंड पर यात्री सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं। अब अभनपुर-कुरूद के बीच 22 किलोमीटर रेल लाइन का आमान परिवर्तन पूरा हो गया है। कुरूद-धमतरी खंड पर काम जारी है। इसके पूरा होने से क्षेत्र में रेल संपर्क और मजबूत होगा।

रायपुर में 300 इलेक्ट्रिक इंजनों के रखरखाव की सुविधा

रायपुर में प्रस्तावित इलेक्ट्रिक रेल इंजन रखरखाव केंद्र में भविष्य में 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक इंजनों के रखरखाव की क्षमता विकसित की जाएगी। इससे इंजनों की उपलब्धता और रेल परिचालन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह सुविधा माल परिवहन की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में भी उपयोगी होगी।

छत्तीसगढ़ को रेल बजट में 7000 करोड़ से अधिक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने परियोजनाओं के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ को रेल बजट के तहत 7000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली है, जिससे राज्य में रेल अवसंरचना के विस्तार को गति मिलेगी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क के विस्तार के लिए कई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। खरसिया-परमालकसा डबल लाइन परियोजना निर्माणाधीन है, जबकि पेंड्रारोड-बिलासपुर-उसलापुर तीसरी रेल लाइन को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है।

रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में सांसद लक्ष्मी वर्मा, बृजमोहन अग्रवाल और रूपकुमारी चौधरी तथा विधायक राजेश मूणत, पुरन्दर मिश्रा और मोतीलाल साहू मौजूद रहे। रावघाट स्टेशन पर सांसद भोजराज नाग, विधायक विक्रम उसेंडी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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