Bihar Cabinet: नगर निकायों के अच्छे काम पर मिलेगा ज्यादा पैसा, 55 एसएच और 47 पुलों पर लगेगा टोल; कैबिनेट के 27 बड़े फैसले

पटना। बिहार में बेहतर काम करने वाले नगर निकायों को अब इसका सीधा फायदा मिलेगा। राज्य के शहरी एवं स्थानीय निकायों को मिलने वाली राशि में पहली बार प्रदर्शन को भी अहम आधार बनाया गया है। यानी जो नगर निकाय बेहतर काम करेंगे, राजस्व और अपने संसाधन बढ़ाएंगे, उन्हें अतिरिक्त राशि मिलने का रास्ता साफ होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव समेत 27 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाई गई।

नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि 16वें वित्त आयोग के तहत राज्य के 264 नगर निकायों के लिए अगले पांच वर्षों में करीब 9,169 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें 90 प्रतिशत राशि जनसंख्या के आधार पर और 10 प्रतिशत राशि प्रदर्शन के आधार पर दी जाएगी। पहले 15वें वित्त आयोग में यह 10 प्रतिशत राशि क्षेत्रफल के आधार पर मिलती थी।

नए शहर बनने पर भी मिलेगा इंसेंटिव

ग्रामीण क्षेत्रों के शहरीकरण या नए शहरों के जुड़ने की स्थिति में दो हजार रुपये प्रति व्यक्ति की दर से वन टाइम इंसेंटिव ग्रांट देने का प्रावधान भी किया गया है। कुल आवंटन का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा वेस्ट वाटर मैनेजमेंट पर खर्च होगा। पटना नगर निगम के लिए विशेष आधारभूत संरचना घटक के तहत करीब 5,000 करोड़ रुपये की अपशिष्ट जल प्रबंधन योजना प्रस्तावित है। इसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार से प्राप्त होगी।

55 राज्य उच्च पथ और 47 पुलों पर टोल की तैयारी

बिहार में अब राज्य सरकार की सड़कों और बड़े पुलों से गुजरने वाले वाहनों को टोल देना पड़ सकता है। कैबिनेट ने पहले चरण में 250 मीटर से अधिक लंबे 47 पुलों और 55 राज्य उच्च पथों (एसएच) को पथकर वसूली के लिए चिह्नित किया है। इन स्थानों पर टोल बूथ बनाने के लिए 30 करोड़ 94 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

टोल वसूली शुरू करने से पहले संबंधित सड़कों और पुलों पर यातायात सर्वेक्षण, ओरिजिन-डेस्टिनेशन सर्वे और टोल प्लाजा के लिए स्थान का चयन किया जाएगा। वाहनों की संख्या और सड़क की लेन के आधार पर टोल प्लाजा का निर्माण होगा।

पटना में बेली रोड होगा चौड़ा, 39.80 करोड़ मंजूर

राजधानी पटना की सबसे महत्वपूर्ण सड़कों में शामिल नेहरू पथ यानी बेली रोड को डाकबंगला चौराहा से रुकनपुरा तक चौड़ा किया जाएगा। इसके लिए 39 करोड़ 80 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। करीब 7.20 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण के दौरान नाला, फुटपाथ और अन्य संरचनाओं को हटाने और स्थानांतरित करने का काम होगा।

कोतवाली थाना के पास 150 मीटर, नियोजन भवन के पास 400 मीटर, बीपीएससी कार्यालय के पास 500 मीटर और मौर्यलोक के पास 110 मीटर चहारदीवारी शिफ्ट की जाएगी। लोहिया पथ फ्लाइओवर और राजा बाजार फ्लाइओवर के दोनों तरफ सर्विस लेन में अतिक्रमण रोकने के लिए करीब पांच किलोमीटर ग्रिल लगाई जाएगी।

मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना 2030-31 तक

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना को वित्तीय वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके तहत हर वर्ष 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विधायकों और विधान पार्षदों की अनुशंसा से शहरी क्षेत्रों में विकास योजनाओं का चयन किया जाएगा।

बिहार में बनेगा बकरी पालक सहकारी फेडरेशन

बकरी पालकों की आय बढ़ाने के लिए बिहार राज्य बकरी पालक सहकारी फेडरेशन लिमिटेड के गठन को मंजूरी दी गई है। वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक इसके लिए 14.79 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। फेडरेशन के माध्यम से मीट, दूध और अन्य उत्पादों के संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन की व्यवस्था मजबूत की जाएगी। चारा, टीका, दवा, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

ई-कैबिनेट से ऑनलाइन होंगी फाइलें

राज्य में ई-कैबिनेट प्रणाली लागू करने के लिए 2.75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके बाद विभिन्न विभागों से कैबिनेट में आने वाली फाइलें ऑनलाइन माध्यम से भेजी जा सकेंगी।

इसके अलावा सीतामढ़ी में लेवल क्रॉसिंग संख्या 56 के स्थान पर बनने वाले आरओबी के पहुंच पथ के लिए 110.42 करोड़ रुपये, बेगूसराय के बरौनी में औद्योगिक क्षेत्र के लिए 700 एकड़ जमीन उद्योग विभाग को हस्तांतरित करने तथा बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। विद्यार्थियों को योजना के तहत चार लाख रुपये तक शिक्षा ऋण मिलता रहेगा।

कैबिनेट ने रामफल मंडल के शहादत दिवस और पंडित राजकुमार शुक्ल की जयंती पर 23 अगस्त को क्रमशः सीतामढ़ी और पश्चिम चंपारण में राजकीय समारोह आयोजित करने को भी मंजूरी दी है।

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