- 90 फीट ऊंचे रावण, 85 फीट के कुंभकर्ण और 80 फीट के मेघनाद का हुआ दहन, लाखों लोगों ने देखा विजयादशमी का भव्य आयोजन
पटना : गांधी मैदान में मंगलवार को विजयादशमी के अवसर पर अधर्म, अहंकार और बुराई के प्रतीक रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया गया। श्रीराम के बाण चलाते ही 90 फीट ऊंचा रावण, 85 फीट का कुंभकर्ण और 80 फीट का मेघनाद आग की लपटों में घिर गए। आतिशी नजारे के बीच पूरा गांधी मैदान जयश्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। इस ऐतिहासिक आयोजन को देखने के लिए लाखों की संख्या में लोग जुटे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में रावण दहन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

श्री दशहरा कमिटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन, नगालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी समेत अन्य गणमान्य अतिथियों ने किया। मंच पर मौजूद अतिथियों ने धनुष से बाण चलाकर रावण दहन की परंपरा निभाई। इसके साथ ही तीनों विशाल पुतलों में आग लग गई। कुछ ही देर में पुतले धू-धू कर जलने लगे और आसमान में उठती आग की ऊंची लपटों ने लोगों का ध्यान खींच लिया।
रावण की गर्जना और निकलते अंगारों ने बढ़ाया रोमांच
इस बार रावण दहन को आकर्षक बनाने के लिए विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। रावण की आंखों से अंगारे निकलने और मुंह से आग की लपटें उठने का दृश्य लोगों के लिए खास आकर्षण रहा। उसके कानों और कंधों से निकलता रंगीन धुआं तथा लाइट और साउंड के प्रभाव से गूंजती गर्जना ने आयोजन को और जीवंत बना दिया। मैदान में मौजूद वानर सेना के सदस्य लगातार जयश्रीराम के नारे लगाते रहे।
तीनों पुतलों के जलते ही मैदान में तालियों की गड़गड़ाहट और जयकारों का शोर गूंजने लगा। लोगों ने मोबाइल फोन से इस पल को कैमरे में कैद किया। कई दर्शकों ने मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर उत्सव के माहौल को और खास बना दिया। रावण दहन के दौरान गांधी मैदान की रौनक देखते ही बन रही थी।
सुरक्षा के लिए लगाए गए सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरे
बड़ी संख्या में लोगों के जुटने को देखते हुए गांधी मैदान में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मैदान के चारों ओर सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिनसे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई।
रावण दहन के इस आयोजन ने एक बार फिर विजयादशमी के मूल संदेश को सामने रखा कि अहंकार, अन्याय और बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंत में सत्य और धर्म की ही विजय होती है। कार्यक्रम का मंच संचालन सोमा चक्रवर्ती ने किया। इस अवसर पर श्री दशहरा कमिटी के अध्यक्ष अरुण कुमार, चेयरमैन कमल नोपानी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
