अंबा (औरंगाबाद)। प्रखंड मुख्यालय स्थित बहुद्देशीय भवन में बुधवार को आयोजित पंचायत समिति की साधारण बैठक जनहित के मुद्दों पर हंगामेदार रही। पूर्व की बैठकों में पारित प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं होने और विभागीय लापरवाही से नाराज जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया। स्थिति को देखते हुए सदन ने दोषी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। बैठक में विधायक ललन भुईयां ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा विभिन्न योजनाओं में अनियमितताओं की जांच कराने का निर्देश दिया। बैठक में सबसे अधिक चर्चा वाराणसी-कोलकाता भारतमाला एक्सप्रेसवे परियोजना का निर्माण कर रही पीएनसी कंपनी को लेकर हुई। जनप्रतिनिधियों ने कंपनी पर बिना ग्राम पंचायत की अनुमति सरकारी भूमि से मिट्टी कटाव, ग्रामीण सड़कों को क्षतिग्रस्त करने तथा विरोध करने पर ग्रामीणों को पुलिस-प्रशासन की धौंस दिखाने का आरोप लगाया। डुमरी पंचायत के मुखिया रविंद्र यादव ने बताया कि गहरे कटाव से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सदन ने कंपनी के कार्यों की जांच कराने की मांग की।
जन वितरण प्रणाली की समीक्षा के दौरान राशन कार्ड बनाने में कथित धांधली और डीलरों द्वारा प्रति यूनिट अनाज कटौती का मुद्दा भी जोरदार ढंग से उठा। आपूर्ति पदाधिकारी अविनाश कुमार ने साइबर कैफे संचालकों द्वारा अवैध वसूली की बात स्वीकार की, जबकि जनप्रतिनिधियों ने विभागीय मिलीभगत की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग, अवैध बालू से निर्माण और गुणवत्ता जांच के बिना भुगतान किए जाने के आरोप भी लगाए गए। सदन ने सभी निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवनों की उच्चस्तरीय जांच कराने का प्रस्ताव पारित किया।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान विद्यालयों में शिक्षक राजनीति, मिड-डे मील में अनियमितता तथा मिडिल स्कूल तुरता के प्रधानाध्यापक पर मेनू के अनुसार भोजन नहीं बनाने और जनप्रतिनिधि से दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा। सदन ने मामले की जांच कर कुटुंबा में भी एमडीएम संचालन एनजीओ के माध्यम से कराने की मांग उठाई। बैठक में रिसीयप, परता और डुमरी में उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने, अवैध क्लीनिकों एवं भ्रूण हत्या की जांच, अंबा बाजार में जाम से निजात के लिए एक सप्ताह के भीतर नो-पार्किंग जोन लागू करने, कुटुंबा पंचायत को माली फीडर से जोड़ने तथा पीएम आवास योजना की अंतिम सूची शीघ्र जारी करने की मांग भी प्रमुखता से उठी। बैठक में प्रमुख धर्मेंद्र कुमार, उप प्रमुख सुनीता सिंह, बीडीओ प्रियांशु बसु सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, मुखिया एवं पंचायत समिति सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
