इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल
अंबा (औरंगाबाद)। कुटुंबा प्रखंड के गोवास गांव में मंगलवार की शाम एक दर्दनाक हादसे में 17 वर्षीय किशोर सत्येन्द्र कुमार की कुएं में डूबने से मौत हो गई। दोस्तों के साथ घर के बाहर बैठकर बातचीत कर रहा सत्येन्द्र कुछ देर बाद कुएं के पास गया था, जहां अंधेरे में पैर फिसलने से वह जमीन के समतल बने खुले कुएं में जा गिरा। हादसे के बाद ग्रामीणों ने काफी मशक्कत कर उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
मृतक की पहचान गोवास गांव निवासी सोहन साव के पुत्र सत्येन्द्र कुमार के रूप में हुई है। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इकलौते बेटे की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
बताया जाता है कि मंगलवार की शाम करीब सात बजे सत्येन्द्र घर के बाहर दोस्तों के साथ बैठा था। इसी दौरान वह कुछ दूरी पर स्थित कुएं के पास लघुशंका करने गया। कुआं जमीन के समतल बना हुआ था। रात के अंधेरे में कुएं का अंदाजा नहीं लगने के कारण अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे कुएं में जा गिरा।
सत्येन्द्र के कुएं में गिरते ही दोस्तों और आसपास के ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण तत्काल बचाव कार्य में जुट गए। कुएं में कीचड़ और मिट्टी होने के कारण काफी परेशानी हुई। काफी प्रयास के बाद रस्सी की मदद से किशोर को बाहर निकाला गया। इसके बाद परिजन और ग्रामीण उसे आनन-फानन में रेफरल अस्पताल, कुटुंबा लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
इकलौते बेटे की मौत से मचा कोहराम
सत्येन्द्र की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस इकलौते बेटे से परिवार को भविष्य की उम्मीदें थीं, उसकी अचानक मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। घटना के बाद गोवास गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
खुले कुएं की सुरक्षा पर उठे सवाल
हादसे के बाद जमीन के समतल बने खुले कुएं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे खुले कुओं के आसपास सुरक्षा घेरा या ढक्कन नहीं होने से हादसे का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से खुले कुओं को सुरक्षित कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
