दाउदनगर(औरंगाबाद)(लाइव इंडिया न्यूज 18 ब्यूरो)। प्राथमिक शिक्षक संघ(गोपगुट) ‘मूल’ के आह्वान पर आगामी 18 दिसंबर को औरंगाबाद के जिला शिक्षा पदाधिकारी के समक्ष दिए जाने वाले धरना में दाउदनगर अनुमंडल से न्यूनतम एक हजार शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए पूरे अनुमंडल में जबरदस्त प्रचारात्मक मुहिम चलाई जाएगी।
यह निर्णय रविवार को यहां राजकीय मध्य विद्यालय नगरपालिका संख्या-1 के प्रांगण में संघ की अनुमंडल स्तरीय ‘आंदोलन संचालन समिति’ की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता संचालन समिति के संयोजक मो. जुल्फिकार अली ने की। बैठक में सभी चारों प्रखंडों में प्रखंड स्तरीय ‘आंदोलन संचालन समिति’ के गठन का भी निर्णय लिया गया जो भविष्य के सारे आंदोलनों की तैयारी एवं संचालन का कार्य करेगी। इस हेतु अनुमंडल स्तरीय ‘आंदोलन संचालन समिति’ की ओर से सभी प्रखंडों के लिए प्रखंड प्रभारियों एवं संयोजकों की नियुक्ति की गई। मो. हासिम अली को दाउदनगर, आलोक कुमार को ओबरा, द्वारिक प्रसाद सिंह को हसपुरा तथा सुनील कुमार प्रजापति को गोह प्रखंड का संयोजक बनाया गया। बैठक में जिला स्तरीय मांग-पत्र को समृद्ध करने हेतु तीन और मांगें जोड़ने का सुझाव भी दिया गया जिसे बैठक में मौजूद संघ के जिला संयोजक सुरेंद्र सिंह ने तत्काल मान लिया। इस कारण अब 18 सूत्री मांग-पत्र के 21-सूत्री हो जाने की संभावना है।

बैठक में संघ के सह संयोजक संजय कुमार सिंह ने कहा कि धरना के बाद भी हमारा आंदोलन धारावाहिक तौर पर तब तक जारी रहेगा जब तक कि हमारी महत्वपूर्ण मांगों की पूर्ति नहीं हो जाती। बैठक में संघ के महासचिव सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि योगेश्वर गोप की क्रांतिकारी विरासत से प्रेरणा लेते हुए हमें अपनी मांगों के लिए धारावाहिक और जुझारू संघर्ष जारी रखना होगा क्योंकि आज तक बिहार के शिक्षकों और कर्मचारियों को जो कुछ भी हासिल हुआ है, वह संघर्ष की बदौलत ही हासिल हुआ है। उन्होंने जिले के सभी शिक्षक संघों का आह्वान किया कि तमाम किस्म के पूर्वाग्रहों और मतभेदों को किनारे रखते हुए जिला स्तर पर शिक्षक संघों का एक संयुक्त मोर्चा या मंच बनाने के लिए आगे आएं ताकि पदाधिकारियों द्वारा शिक्षक हितों की उपेक्षा करने और उनके प्रति मनमानी और तानाशाही रवैया अपनाने पर रोक लगाई जा सके। बैठक में दर्जनों शिक्षकों ने भी अपने विचार व्यक्त किए जिनमें प्रह्लाद प्रसाद, द्वारिक प्रसाद सिंह, सुनील कुमार प्रजापति, आलोक कुमार, मो. औरंगजेब आलम, मो. नौशाद आलम, मो. हासिम अली, मंजू कुमारी, प्रतिभा कुमारी, ऊषा कुमारी, मो. आफताब आलम एवं रामप्यारे प्रसाद आदि शामिल है। सभी वक्ताओं ने तन, मन एवं धन से सहयोग कर आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।