आवास योजना की सूची में गड़बड़ी का आरोप, नाम जोड़ने के नाम पर वसूली की शिकायत
योग्य लाभुक बाहर, अयोग्य अंदर होने का आरोप; ग्रामीण बोले – डीएम से करेंगे शिकायत
अंबा, औरंगाबाद : कुटुंबा प्रखंड में आवास योजना की फाइनल सूची जारी होने के बाद गड़बड़ी और अवैध वसूली के आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सूची में नाम जोड़ने और रजिस्ट्रेशन के नाम पर गरीबों से पैसे मांगे जा रहे हैं, जबकि कई योग्य लाभुकों का नाम सूची से बाहर है।
मामला घेउरा पंचायत के करकट्टा गांव का है। यहां की चमेली देवी, गुड्डन देवी, लालो देवी, प्रभा देवी, शकुंतला देवी, मीना देवी समेत दर्जनों महिलाओं ने बीडीओ प्रियांशु बसु को आवेदन देकर शिकायत की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वार्ड सदस्य प्रतिनिधि द्वारा आवास में नाम जुड़वाने के नाम पर दो से छह हजार रुपये तक लिए गए, लेकिन फाइनल सूची में नाम नहीं आया। पैसे वापस मांगने पर लौटाने से इनकार का आरोप भी लगाया गया है। इस संबंध में संबंधित पक्ष ने आरोपों को निराधार बताया है।
परता पंचायत में भी शिकायत
परता पंचायत के महावीरगंज गांव की पिंकी देवी, रीता देवी, संगीता देवी, छोटू कुमार और डोमन कुमार ने भी इसी तरह की शिकायत की है। उनका कहना है कि सूची में नाम आने के बाद बिचौलियों द्वारा पैसे की मांग की जाती है और नहीं देने पर लाभ से वंचित करने की धमकी दी जाती है।
रजिस्ट्रेशन के नाम पर वसूली का आरोप
महाराजगंज, वर्मा, घेउरा और सूही पंचायतों में भी लाभुकों से रजिस्ट्रेशन के नाम पर 2500 से 5000 रुपये तक मांगने की शिकायतें सामने आई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पैसे नहीं देने पर भुगतान रोकने और नाम काटने की धमकी दी जा रही है, जिससे गरीब परिवारों में भय है।

इस संबंध में बीडीओ प्रियांशु बसु ने बताया कि जो योग्य लाभुक सूची में शामिल नहीं हो सके हैं, उनका सर्वे कराया जा रहा है। अगले 6 से 12 महीने में उन्हें योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई और वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ देने की मांग की है।
