पटना: बिहार सरकार किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े युवाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत विभिन्न बागवानी फसलों पर आकर्षक अनुदान उपलब्ध करा रही है। इस योजना के माध्यम से किसान फल, फूल, सब्जियां, मसाले, मशरूम, स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट तथा मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं।
कृषि विभाग के अनुसार, बागवानी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2005-06 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन की शुरुआत की गई थी। इसी कड़ी में बिहार में एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों को उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है। योजना के अंतर्गत फल, फूल, मसालों की खेती, मधुमक्खी पालन और अन्य बागवानी गतिविधियों पर 75 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है।
स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट और मशरूम की खेती को बढ़ावा
योजना के तहत स्ट्रॉबेरी विकास योजना, ड्रैगन फ्रूट उत्पादन, मशरूम उत्पादन, पपीता विकास योजना, अंजीर फल विकास योजना तथा आम और लीची के क्षेत्र विस्तार जैसी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन फसलों की बाजार में अच्छी मांग होने के कारण किसानों को बेहतर मुनाफा मिलने की संभावना रहती है।
महिला किसानों को मिल रही प्राथमिकता
बिहार सरकार महिला किसानों को कृषि गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दे रही है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत लाभुकों के चयन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। विभिन्न योजनाओं में 30 प्रतिशत महिला सहभागिता का प्रावधान किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मशरूम, मखाना, पपीता, ड्रैगन फ्रूट और प्राकृतिक खेती जैसी गतिविधियां ग्रामीण महिलाओं के लिए आय का बेहतर स्रोत बन सकती हैं। इससे न केवल कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी बल्कि महिला सशक्तीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान और युवा बिहार कृषि ऐप अथवा कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी फसलों को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि करें।
