Poetry: काली कोयल; तेरी बोली, सबको लगती कितनी भोली

काली कोयल काली कोयल, तेरी बोली,।सबको लगती कितनी भोली। मीठे – मीठे गीत सुनाती,सबके मन को…

Poetry: ख़ामोशी छाई थी; शाम गहराई थी, अजब तन्हाई थी

ख़ामोशी छाई थीशाम गहराई थीअजब तन्हाई थीमैं तुम्हें याद कर रही थीदीप जल रहे थेसितारे निकल…