पलायन रोको नौकरी दो यात्रा: मुजफ्फरपुर में कन्हैया ने बेरोजगारी और बिहारी छात्रों पर हमले पर सरकार को घेरा

मुजफ्फरपुर(बिहार): कांग्रेस की चर्चित “पलायन रोको नौकरी दो यात्रा” आज मुजफ्फरपुर पहुंची। यह यात्रा बिहार में बेरोजगारी, पलायन को लेकर सुर्खियों में है। 16 मार्च को पश्चिम चंपारण के भितिहरवा गांधी आश्रम से शुरू हुई यह यात्रा अब मिथिला की धरती पर अपनी मजबूत छाप छोड़ रही है।

Kanhaiya kumar at muzaffarpur

आज सुबह दादर कलुआ साइड कैंप में ध्वजारोहण के साथ दिन की शुरुआत हुई, जो SKMCH चौक, जीरो माइल, बालू ढलान, अखारा चौक से होते हुए समस्तीपुर की ओर बढ़ गई। इस दौरान टावर चौक पर महात्मा गांधी की मूर्ति और L.S. कॉलेज में गांधी जी व डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों पर माल्यार्पण भी किया गया।

कन्हैया कुमार की प्रेस कॉन्फ्रेंस: बेरोजगारी, सम्मान और बिहारी छात्रों का दर्द

मुजफ्फरपुर के मेंहदी हसन चौक स्थित किला मैदान में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने बिहार के युवाओं, महिला ऑटो चालकों और पंजाब में बिहारी छात्रों पर हुए हमले को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “यह यात्रा बेरोजगारी और पलायन की मार झेल रहे बिहार के लोगों के लिए एक मंच है। हम सम्मानजनक जिंदगी और रोजगार की मांग कर रहे हैं।”

Palayan roko naukari do yatra in muzaffarpur bihar

प्रेस वार्ता में महिला ऑटो चालक रूही खातून और जूही ने अपनी समस्याएं साझा कीं। उन्होंने कहा, “अगर हमें सम्मानजनक नौकरी मिले, तो ऑटो चलाने की जरूरत क्यों पड़े? महिलाओं को रोजगार और सुरक्षा की दोहरी चुनौती झेलनी पड़ती है।” कन्हैया ने इसे उठाते हुए कहा, “डबल इंजन सरकार महिलाओं के लिए बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन महिला ऑटो चालकों की बातें सुनकर इन दावों की हकीकत सामने आ जाती है।”

पंजाब में बिहारी छात्रों पर हमला: सरकार पर सवाल

कन्हैया कुमार ने एक सभा में पंजाब में बिहारी छात्रों पर हुए हालिया हमले का जिक्र करते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा, “बिहारी छात्रों के साथ भेदभाव क्यों हो रहा है? बिहार के छात्रों को दूसरे प्रदेशों में पढ़ने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ता है? पंजाब में बिहारी छात्रों पर हमला करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। यह बिहार के सम्मान का सवाल है।” उन्होंने आगे कहा कि बिहार में शिक्षा और रोजगार के अवसर पैदा करने में सरकार नाकाम रही है, जिसके चलते युवाओं को पलायन करना पड़ रहा है।

यात्रा का उद्देश्य और प्रभाव

“पलायन रोको नौकरी दो यात्रा” का मकसद बिहार में बेरोजगारी, पलायन और अब बिहारी छात्रों के साथ हो रहे अन्याय को राष्ट्रीय पटल पर लाना है। कन्हैया कुमार के नेतृत्व में यह अभियान युवाओं और समाज के हर वर्ग की आवाज बन रहा है। यात्रा में यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नेता शिव प्रकाश गरीब दास, NSUI के प्रदेश अध्यक्ष सूरज यादव, पूर्व सांसद अजय निषाद, विधायक विजेंद्र चौधरी, पूर्व मंत्री वीणा शाही शामिल हैं। यह यात्रा 14 अप्रैल को पटना में समाप्त होगी और करीब 1000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

मुजफ्फरपुर में यात्रा का रूट और स्वागत

मुजफ्फरपुर में यात्रा दादर कलुआ से शुरू होकर SKMCH चौक, जीरो मील, अखारा चौक जैसे प्रमुख स्थानों से गुजरी। टावर चौक और L.S. कॉलेज में माल्यार्पण के बाद यह समस्तीपुर की ओर बढ़ी। स्थानीय युवाओं और लोगों ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया।

बिहार के भविष्य के लिए एक उम्मीद

कन्हैया कुमार ने जोर देकर कहा, “यह यात्रा केवल राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य को बेहतर बनाने की कोशिश है। बेरोजगारी, पलायन और बिहारी छात्रों पर हमले जैसे मुद्दों पर सरकार को जवाब देना होगा।” उन्होंने युवाओं से इस मुहिम से जुड़ने की अपील की।

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