शारदीय नवरात्र 2025: मां दुर्गा का हाथी पर आगमन, किसानों के लिए समृद्धि का संकेत

  • कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त: 22 सितंबर को सुबह 5:59 बजे से सूर्यास्त तक
  • माँ दुर्गा का आगमन: हाथी पर सवार होकर, वर्षा और समृद्धि का प्रतीक
  • महानवमी और विजयादशमी: 1 अक्टूबर को नवमी पूजन, 2 अक्टूबर को रावण दहन

औरंगाबाद : शक्ति की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र आज, 22 सितंबर (सोमवार) से शुरू हो चुका है। यह पर्व 2 अक्टूबर (गुरुवार) को विजयादशमी के साथ संपन्न होगा। इस बार चतुर्थी तिथि की वृद्धि के कारण नवरात्र का क्रम 11 दिनों तक चलेगा। ज्योतिषाचार्य पंडित सतीश पाठक के अनुसार, माँ दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है, जो किसानों के लिए वर्षा, समृद्धि और अच्छी फसल का शुभ संकेत है।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

नवरात्र का शुभारंभ कलश स्थापना (घटस्थापना) के साथ होता है। इस वर्ष, 22 सितंबर को सुबह 5:59 बजे से सूर्यास्त तक का समय कलश स्थापना के लिए शुभ है। पंडित सतीश पाठक के अनुसार, विधि-विधान से कलश स्थापना करने से माँ दुर्गा की कृपा से धन-धान्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

मां दुर्गा का आगमन और इसका महत्व

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बार माँ दुर्गा सप्तमी तिथि (सोमवार) को हाथी पर सवार होकर आ रही हैं। धार्मिक मान्यताओं में इसे वर्षा, अन्न-समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। पंडित सतीश पाठक बताते हैं कि माँ का यह आगमन किसानों के लिए विशेष शुभ है, क्योंकि यह भरपूर फसल और आर्थिक समृद्धि का संकेत देता है। वहीं, माता का गमन नर वाहन पर होगा, जो शांति और समृद्धि का द्योतक है।महत्वपूर्ण तिथियाँ और अनुष्ठान

  • महानिशा अष्टमी और संधि पूजा: 29 सितंबर की रात को महानिशा अष्टमी का पूजन होगा। 30 सितंबर (मंगलवार) को महा अष्टमी व्रत और संधि पूजा दोपहर 1:21 बजे से 2:09 बजे तक की जाएगी। इस समय माँ दुर्गा के उग्र और सौम्य रूप की संयुक्त आराधना की जाती है।
  • महानवमी और हवन: 1 अक्टूबर (बुधवार) को महानवमी मनाई जाएगी। नवमी तिथि दोपहर 2:34 बजे तक रहेगी, जिसमें भक्त पूजन, हवन और अनुष्ठान करेंगे।
  • विजयादशमी: 2 अक्टूबर (गुरुवार) को नवरात्र का समापन विजयादशमी के साथ होगा। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन रावण दहन और देवी विसर्जन की परंपरा निभाई जाएगी।

नवरात्र का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्वशारदीय नवरात्र माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना का पर्व है। यह भक्तों को शक्ति, समृद्धि और शांति का आशीर्वाद देता है। माँ दुर्गा का हाथी वाहन इस वर्ष विशेष रूप से किसानों और व्यापारियों के लिए शुभ संदेश लेकर आया है। पंडित सतीश पाठक के अनुसार, इस नवरात्र में विधि-विधान से पूजा करने वाले भक्तों को माँ दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होगी।

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