प्रियांशु हत्याकांड : शादी के 45वें दिन पत्नी ने फूफा के साथ मिलकर रची पति की हत्या की साजिश, जानिए पूरा मामला

औरंगाबाद(बिहार): बिहार के औरंगाबाद जिले के नबीनगर थाना क्षेत्र के बड़वान गांव में एक दिल दहलाने वाला हत्याकांड सामने आया है। शादी के मात्र डेढ़ महीने बाद एक नवविवाहिता ने अपने सगे फूफा के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम तक पहुंचाया। मृतक प्रियांशु कुमार सिंह उर्फ छोटू की हत्या 24 जून 2025 को लेंबोखाप मोड़ के पास गोली मारकर की गई। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी गुंजा सिंह, सुपारी देने वाले झारखंड के गढ़वा जिले के जयशंकर चौबे और उनके सहयोगी मुकेश शर्मा को गिरफ्तार किया है।

औरंगाबाद प्रियांशु हत्याकांड

15 साल पुराना अवैध रिश्ता बना हत्या का कारण

जांच में सामने आया कि गुंजा सिंह का अपने फूफा जीवन सिंह के साथ पिछले 15 वर्षों से प्रेम संबंध था। परिवार की मर्जी के खिलाफ उसकी शादी प्रियांशु से कर दी गई, जिससे वह नाखुश थी। इस रिश्ते को अपनी राह में रुकावट मानते हुए गुंजा ने फूफा जीवन सिंह के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की ठानी। पूछताछ में गुंजा ने कबूल किया कि वह शादी से असंतुष्ट थी और अपने पुराने प्रेम संबंध को बनाए रखने के लिए उसने यह खौफनाक कदम उठाया।

प्रियांशु उर्फ छोटू की फाइल फोटो।

हत्या की साजिश का खुलासा

पुलिस के मुताबिक, गुंजा ने अपने पति की हर गतिविधि पर नजर रखी और उनकी वाराणसी यात्रा की जानकारी जीवन सिंह को दी। 24 जून को जब प्रियांशु बाइक से अपने गांव लौट रहे थे, गुंजा ने उनकी सटीक लोकेशन शूटरों तक पहुंचाई। झारखंड के जयशंकर चौबे और मुकेश शर्मा ने शूटरों को हत्या के लिए सिम कार्ड और अन्य संसाधन मुहैया कराए। शूटरों ने लेंबोखाप मोड़ पर प्रियांशु पर गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस की कार्रवाई और SIT की भूमिका

औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक अंबरीष राहुल ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया, जिसका नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) संजय कुमार पांडेय ने किया। SIT ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य, और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर मामले का खुलासा किया। गुंजा सिंह, जयशंकर चौबे, और मुकेश शर्मा को हिरासत में लिया गया, जबकि फूफा जीवन सिंह और शूटर अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

सामाजिक मूल्यों का पतन

यह घटना अवैध संबंधों के भयावह परिणामों को दर्शाती है। समाज में रिश्तों में विश्वासघात और नैतिक पतन की यह घटना एक चेतावनी है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्ड ने इस जटिल मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।

आगे की जांच और कार्रवाई गिरफ्तार आरोपियों को

न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस फरार जीवन सिंह और शूटरों की गिरफ्तारी के लिए संदिग्ध स्थानों पर दबिश दे रही है। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही सभी आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा और मामले में विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।