एनडीए सरकार ने बहायी भ्रष्टाचार की गंगा : सीपीआई
पटना। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा है कि नल जल योजना के ठेकेदारों के विभिन्न ठिकानों से 3 करोड रुपए से अधिक नगद राशि के बरामद होने से यह साफ हो गया है कि बिहार में एनडीए के शासन में भ्रष्टाचार की गंगा बह रही थी। भाकपा के राज्य सचिवमंडल ने कहा है कि इस योजना के ठेकेदारों के यहां से भारी मात्रा में रुपए मिलना यह प्रमाणित करता है कि सरकार की अधिकतर योजनाओं में सिर्फ कागज पर काम हुए हैं। हर योजना में करोड़ों का वारा न्यारा किया गया है और कहीं भी जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ है।
जमीनी स्तर पर काम नहीं होने के कारण ही जनता में काफी आक्रोश है। इसी आक्रोश को चुनाव के दौरान देखा जा सकता है।भाकपा के राज्य सचिवमंडल सदस्य रामबाबू कुमार ने बताया कि इस राशि की बरामदगी चुनाव आयोग के निर्देश पर आयकर विभाग ने की है। इसका मतलब कि राज्य सरकार योजनाओं के कार्यान्वयन में कभी भी सही निगरानी और पारदर्शिता नहीं बरती गई। पार्टी को आशंका है कि इस पैसे का उपयोग चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित करने के लिए भी किया जाताए क्योंकि खुद केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड यह कह रहा है कि आयकर की टीमों ने 75 करोड़ से अधिक की अघोषित संपत्ति का भी पता लगाया है।
मात्र 4 ठेकेदारों के यहां मिली राशि साबित करती है कि इस राशि का उपयोग चुनाव में एनडीए के पक्ष में किया जा रहा था। पार्टी ने मांग की है कि इस सारे प्रकरण की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच भी होनी चाहिए ताकि चुनाव में काले धन की भूमिका को भी स्पष्ट रूप से पकड़ा जा सके। छापेमारी में करोड़ों के कागजात भी बरामद हुए हैं । इससे साफ हो गया है कि पिछले 15 साल में सरकार ने जनता के पैसे को लूटा है और उसे मुनाफा खोरोंए भ्रष्ट ठेकेदारों और राजनेताओं के बीच ही बंदरबांट किया गया है।