पेयजल की समस्या से जूझ रही बच्चियां
राजकीय कृत प्लस टू कन्या उच्च विद्यालय अंबा के डिजिटल क्लासरूम को खाली कराकर दूसरे विद्यालय में मंगलवार को स्थानांतरित कर दिया गया। इस कार्यवाही से विधालय के शिक्षकों एवं बच्चियों में नाराजगी देखी गई। विदित हो कि 30 अप्रैल 2024 को बिहार में पहली बार गर्ल्स हाई स्कूल अंबा में डिजिटल क्लासरूम का शुभारंभ डीपीओ दयाशंकर सिंह के द्वारा किया गया था। खाली कराने पहुंचे सिनर्जी एटीएस टावर नोएडा उत्तर प्रदेश एनजीओ के कोऑर्डिनेटर विकास सिंह ने बताया कि वाल्वोलीन कमिंस प्राइवेट लिमिटेड के सीएसआर फंड से विद्यालय के दो कमरों में डिजिटल क्लासरूम बनाया गया था। जिसे कंपनी के आदेश पर स्थानांतरित किया जा रहा है। विद्यालय की प्राचार्य जुलूस सामी ने बताया कि डिजिटल क्लासरूम विभागीय आदेश पर नहीं बल्कि कंपनी के द्वारा लगाया गया था। सिनर्जी कंपनी के प्रोग्राम मैनेजर सुनील कुमार ने ईमेल के माध्यम से डिजिटल क्लासरूम के स्थानांतरण में आधिकारिक तौर पर सहयोग करने की बात कही थी। कंपनी द्वारा अधिकृत कर्मी को सारे उपकरण लौटा दिए गए। करीब 34 लाख रुपए की लागत से डिजिटल क्लासरूम बनाया गया था। ताकि बच्चे आधुनिक शिक्षण तकनीक के माध्यम से जटिल विषयों को समझ सके। लेकिन अचानक डिजिटल क्लासरूम का स्थानांतरित कर दिया जाना बच्चों और शिक्षकों की समझ से परे है। विद्यालय में पेयजल की समस्या बनी हुई है। बच्चियों ने बताया कि करीब चार माह से आरओ फिल्टर खराब है। तब से वे लोग टंकी का पानी पी रहे हैं। कभी तकनीकी खराबी के कारण विद्युत आपूर्ति नहीं होती है तो हम लोग पीने के पानी के लिए भी तरसते हैं। विद्यालय परिसर का चापाकल भी खराब है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को जवाबदेह ठहराते हुए समस्याओं के निष्पादन की मांग की है।


