Bihar Assembly Election 2025 : नबीनगर से निर्दलीय प्रत्याशी मृत्युंजय यादव को मिला ओवैसी का समर्थन, फिर भी उनके लालू भगवान, जाने क्यों ?

औरंगाबाद(लाइव इंडिया न्यूज 18 ब्यूरो)। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में औरंगाबाद के नबीनगर सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैंदान में उतरे मृत्युंजय यादव को फायर ब्रांड मुस्लिम नेता असदुद्दीन ओवैसी, दलित नेता चंद्रशेखर रावन और उत्तर प्रदेश के चर्चित पिछड़ों के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य का समर्थन मिल गया है। यह घोषणा तीनों नेताओं के राजनीतिक दल के बिहार विधानसभा चुनाव में बने तीसरे गठबंधन ग्रांड डेमोक्रेटिक अलायंस(जीडीए) यानी लोकतांत्रिक महागठबंधन ने की है।

जीडीए के घटक दल चंद्रशेखर रावन की पार्टी आजाद समाज पार्टी(कांशीराम) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष जौहर खान ने यहां प्रेसवार्ता में यह घोषणा करते हुए कहा कि मृत्युंजय यादव ने हमारी पार्टी को लिखित रूप से दिया कि वें बहुजन समाज की विचारधारा के हिमायती है और वें उनकी पार्टी और उनके गठबंधन का समर्थन चाहते है। चूंकि नबीनगर विधानसभा सीट से उनकी पार्टी और गठबंधन का कोई उम्मीदवार चुनाव मैंदान में नही था। इसलिए पार्टी ने उनके आग्रह पर विचार किया और चुनावी राजनीति के दृष्टिकोण से उन्हे सक्षम पाने पर आसपा(कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सहमति से पार्टी ने मृत्युंजय यादव को समर्थन देने का फैसला लिया, जिसकी वें घोषणा कर रहे है। उन्होने दावा किया कि नबीनगर में अब सारे समीकरण बदल गए है और यहां से बहुजन समाज और मृत्युंजय यादव की जीत होगी। कहा कि मृत्युंजय यादव की जीत सुनिश्चित करने के लिए ऑल इंडिया मजलिस ए इतेहादुल मुसलमिन(एआइएमआइएम) सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी भी आएंगे और चंद्रशेखर रावन तथा अपना जनता पार्टी सुप्रीमो स्वामी प्रसाद मौर्य भी नबीनगर आकर उनकी जीत की राह को आसान बनाएंगे।  

            

बिहार में 55 सीटो पर ही इसलिए चुनाव लड़ रही जीडीए-

आसपा(कांशीराम) के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लालू-तेजस्वी यदि सही तरीके से टिकट देते तो बहुजनों की सरकार बन जाती। उन्होने राजद का नाम लिए बगैर कहा कि कोई जेल से बचने के लिए सुलह कर रहा है। कोई घोटाले से बचने के लिए तो कोई सुलह कर जायदाद और जेल बचा रहा है। ऐसा कर उन्होने अपने कार्यकर्ताओं को अनदेखा किया। 20 प्रतिशत में 18 प्रतिशत को किनारे लगा दिया, जिससे उनकी विचारधारा भी खत्म हो गई और अब राजद भी खत्म होता दिख रहा है। इसके बावजूद हमारी लालू(राजद) से कोई दुश्मनी नही है। यही वजह है कि हमारे जीडीए गठबंधन ने राज्य में 55 सीटो पर ही उम्मीदवार उतारे है। बाकी सीटे हमने उनके गठबंधन के लिए छोड़ दी है ताकि कल को वें यह नही कह सके कि हमारे कारण उनकी हार हो गई और भाजपा जीत गई।

              

रिजल्ट आने पर जीडीए के पास ही होगी सत्ता की चाबी-

कहा कि  इस बार किसी भी गठबंधन से 2.5 प्रतिशत की आबादी वाला मुख्यमंत्री नही बनेगा क्योकि हम अपनी ज्यादा से ज्यादा सीटे जीतेंगे। मतलब बिहार की सत्ता की चाबी उनके पास होगी और हमारे गठबंधन के अनुसार ही मुख्यमंत्री बनेगा। हम कुर्सी-दरी बिछाने वाले दलित और मुसलमान को मुख्यमंत्री बनाएंगे। ढ़ाई साल दलित और ढ़ाई साल मुस्लिम मुख्यमंत्री होगा।      

स्मार्ट हो गए हैं मुसलमान और यादव वोटर

उन्होने कहा कि बिहार के मुसलमान और यादव वोटर स्मार्ट हो गए है। लालू-तेजस्वी अब अपने ‘माय’ समीकरण को भूल जाए क्योकि अब ये स्मार्ट वोटर पार्टी नही कैंडिडेट देखते है और अपने अच्छे प्रत्याशी को वोट देते है। नबीनगर में भी यही हो रहा है। यहां के यादव, मुसलमान और बहुजन समाज के लोग मृत्युंजय यादव को देख रहे है तथा उन्हे चुनाव भी जिताने जा रहे है। यहां तेजस्वी आकर लाख प्रयास कर ले लेकिन नबीनगर का मुसलमान, यादव और बहुजन समाज उन्हे वोट नही देने जा रहा है बल्कि सभी मिलकर मृत्युंजय यादव को विधानसभा पहुंचाने जा रहे है।             

लालू मेरे भगवान : मृत्युंजय

वही जीडीए का समर्थन पाने पर निर्दलीय प्रत्याशी मृत्युंजय यादव ने कहा कि लालू यादव मेरे भगवान है और मैं अपने भगवान से भी मिलूंगा लेकिन उनसे मिलने पूरी ताकत के साथ जाएंगे और तब वह मेरी पीठ ठोकेंगे। वह समय मेरे लिए जीवन का अविस्मरणीय क्षण होगा। प्रत्याशी की इस बात पर यह पूछे जाने पर कि इसका मतलब तो यही निकलता है कि चुनाव जीतने पर आप लालू के साथ हो जाएंगे, तो उन्होने कहा कि मैं आज भी भगवान की पार्टी में हूं लेकिन भगवान की कोई पार्टी नही होती। भगवान की पार्टी भी है तो  मेरे लिए भगवान की पार्टी कोई मायने नही रखती। मेरे लिए जनता भी भगवान है और यह मेरे लिए मायने रखती है और समय ने तय कर दिया है कि यादव जाति से आनेवाला मृत्युंजय नबीनगर का बेटा है और बेटे को जिताना जनता ने तय कर लिया है। कहां कि यहां के यादवों पर तेजस्वी यादव का जादू नही चलेगा। यादव अब स्मार्ट और पूरी तरह परिपक्व है। वें बेहतर ले सकते है। वें तेजस्वी को नही बल्कि अपने बेटे चुन रहे है, जो परिणाम के रूप में दिखेगा।