भाकपा के राष्ट्रीय सचिव व स्वामीनाथन आयोग के सदस्य रहे अतुल कुमार अंजान का निधन

नई दिल्ली। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार ‘अंजान’ का आज शुक्रवार सुबह लखनऊ में निधन हो गया। अंजान करीब साढ़े तीन वर्षों से कैंसर से जूझ रहे थे। वह अभी लखनऊ के एक अस्पताल में महीनों से इलाजरत थे। उनका निधन आज सुबह 3.45 बजे हो गया।

अतुल अंजान अभी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव तथा किसान सभा के महासचिव थे। वह स्वामीनाथन आयोग के भी सदस्य रहे। अतुल ने लखनऊ के छात्र आंदोलन से राजनीति शुरू की। वे विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष भी चुने गए। फिर वह एआइएसएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे। अतुल एक प्रखर वक्ता भी थे।

भाकपा के राष्ट्रीय महासचिव डी राजा ने अतुल कुमार अंजान के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि अतुल अंजार गरीबों, वंचितों व किसानों की बुलंद आवाज थे। उनके निधन से पार्टी को ही नहीं किसान आंदोलन को अपूर्णिय क्षति है जिसकी भरपाई निकट भविष्य में नहीं की जा सकती।

भाकपा के राष्ट्रीय सचिव के नारायणा ने भी अंजान के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

उनके निधन पर बिहार भाकपा राज्य सचिव मंडल ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय राजनीति का अतुल अंजान ‘अतुल’ सितारे थे। उनकी कर्म भूमि उत्तर प्रदेश रहा, जबकि पैतृक घर बिहार के बांका जिले में है। वह न केवल बिहार के प्रिय नेता थे, अपितु वह एक मित्र और पार्टी परिवार के सदस्य के रूप में थे।

अपनी श्रद्धांजलि में राज्य सचिव मंडल ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में देश को अतुल की सर्वाधिक जरूरत थी। सचिव मंडल की ओर से बयान जारी करते हुए बिहार के राज्य सचिव रामनरेश पांडेय ने कहा कि हम उनके संघर्षों को आगे बढ़ाएंगे और उनके सपनों का देश बनाने के लिए निरंतर संघर्षरत रहेंगे।

शनिवार 4 मई को प्रातः 9 बजे पार्थिव शरीर हलवासिया (हजरतगंज आवास), लखनऊ में दर्शनार्थ रखा जायेगा, फिर दाह – संस्कार संपन्न होगा।