Bihar News: पटना के बाढ़ में शराब पार्टी के बाद चार युवकों की मौत, जहरीली शराब की आशंका; कमरे से मिली खाली बोतल

पटना: बिहार के पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र में रविवार को कथित तौर पर शराब या किसी नशीले पदार्थ का सेवन करने के बाद चार युवकों की मौत से हड़कंप मच गया। घटना बाढ़ थाना क्षेत्र के बेढ़ना गांव की है। चारों युवक एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे और इस दौरान मछली भी बनवाई गई थी। कुछ देर बाद अचानक सभी की तबीयत बिगड़ गई और वे अचेत होकर गिर पड़े।

मृतकों की पहचान बेढ़ना गांव निवासी शशि कुमार (32), विकास राम (40), पंकज सिंह (45) और निशू कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। जिस कमरे में चारों युवक बैठे थे, वहां से शराब की खाली बोतल मिलने की बात सामने आई है। इसके बाद जहरीली शराब से मौत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और टॉक्सिकोलॉजी जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

दोपहर 12 बजे शुरू हुई थी शराब और मछली की पार्टी

स्वजनों और ग्रामीणों के अनुसार, चारों दोस्त रविवार दोपहर करीब 12 बजे एक कमरे में बैठकर शराब और मछली की पार्टी कर रहे थे। बताया जा रहा है कि दो पैग शराब पीने के कुछ ही समय बाद चारों की हालत अचानक बिगड़ गई। वे अचेत होकर गिर पड़े।

ग्रामीणों और स्वजनों ने आनन-फानन में चारों को इलाज के लिए बाढ़ के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया। हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें करीब डेढ़ बजे अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया।

मुंह से निकल रहा था झाग, चारों की हालत लगभग एक जैसी

अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचने वाले पहले तीन युवकों की हालत बेहद गंभीर थी। वे अचेत थे और उनके मुंह से झाग निकल रहा था। कुछ देर बाद चौथे युवक को भी अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों के मुताबिक, चारों की स्थिति लगभग एक जैसी थी।

चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. श्रेया शेखर ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार चारों युवक एक साथ शराब अथवा किसी अन्य नशीले पदार्थ का सेवन कर रहे थे। अस्पताल लाए गए युवकों की हालत गंभीर थी। चिकित्सकों ने उपचार का प्रयास किया और उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया।

पीएमसीएच रेफर किए गए, इलाज के दौरान चारों की मौत

अनुमंडलीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चारों युवकों को बेहतर इलाज के लिए पटना स्थित पीएमसीएच रेफर किया गया। इलाज के दौरान चारों की मौत हो गई।

ग्रामीणों का दावा है कि तीन युवकों की मौत अनुमंडलीय अस्पताल में ही हो गई थी। हालांकि, मृत्यु का वास्तविक समय पोस्टमार्टम और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

कमरे से मिली शराब की खाली बोतल, जहरीली शराब की आशंका

घटना के बाद पुलिस ने उस कमरे की जांच की जहां चारों युवक बैठे थे। वहां से शराब की खाली बोतल मिलने की बात सामने आई है। इसी आधार पर जहरीली शराब या किसी जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चारों युवकों ने वास्तव में किस पदार्थ का सेवन किया था, वह कहां से आया था और बोतल में मौजूद तरल की वास्तविक प्रकृति क्या थी।

फिलहाल जहरीली शराब को मौत की पक्की वजह नहीं माना जा सकता। इसकी पुष्टि के लिए शराब की बोतल, मृतकों के विसरा और रक्त समेत अन्य नमूनों की वैज्ञानिक जांच जरूरी होगी।

विशेषज्ञ ने जताई तीव्र विषाक्तता की आशंका

आईजीआईएमएस के फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमन कुमार के अनुसार, महज डेढ़ से दो घंटे के भीतर चारों युवकों का गंभीर हालत में पहुंचना तीव्र विषाक्तता (Acute Poisoning) की आशंका पैदा करता है।

उन्होंने बताया कि औद्योगिक स्प्रिट यानी मेथेनॉल से बनी शराब अथवा शराब में किसी अन्य जहरीले पदार्थ की मिलावट गंभीर विषाक्तता का कारण बन सकती है। हालांकि, केवल लक्षणों के आधार पर यह कहना संभव नहीं है कि मौत मेथेनॉल से ही हुई।

इसके लिए विस्तृत प्रयोगशाला जांच की आवश्यकता होगी और रिपोर्ट आने में कई सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है।

मुंह से झाग निकलना जहर का निश्चित लक्षण नहीं

विशेषज्ञों के अनुसार, मुंह से झाग निकलना अपने आप में किसी खास जहर की पुष्टि नहीं करता। तेज विषाक्तता के अलावा सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक लार बनने, फेफड़ों में स्राव या मिर्गी जैसे दौरे के दौरान भी मुंह से झाग आ सकता है।

चारों युवकों की स्थिति एक जैसी होने से यह संकेत जरूर मिलता है कि उन्होंने संभवतः एक ही स्रोत से कोई पदार्थ लिया था, लेकिन इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी।

दो से चार महीने में मिल सकते हैं जांच के अहम जवाब

इस मामले में कई अहम सवालों के जवाब फॉरेंसिक और टॉक्सिकोलॉजी जांच के बाद ही मिल पाएंगे।

  • बोतल में क्या था? — यह पता लगाया जाएगा कि उसमें सामान्य एथेनॉल था, मेथेनॉल था या कोई अन्य जहरीला रसायन।
  • बोतल असली थी या केवल पैकिंग? — यदि बोतल ब्रांडेड शराब की है तो उसकी सील, कैप, बैच नंबर और तरल की रासायनिक संरचना की जांच होगी।
  • मृतकों के शरीर में क्या मिला? — रक्त, विसरा और अन्य जैविक नमूनों की टॉक्सिकोलॉजी जांच से शरीर में मौजूद जहरीले पदार्थ की पहचान की जाएगी।
  • क्या भोजन से भी विषाक्तता हुई? — मछली, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांचे जा सकते हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भोजन में कोई जहरीला पदार्थ तो मौजूद नहीं था।
  • तरल में क्या-क्या मिलाया गया था? — बोतल या किसी पैक में मिले तरल की रासायनिक जांच से यह पता लगाया जाएगा कि उसमें कौन-कौन से पदार्थ मौजूद थे और उनके मिश्रण से विषाक्तता की कितनी संभावना थी।
  • विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसी जांच में दो से चार महीने या उससे अधिक समय भी लग सकता है। इसलिए फिलहाल मौत की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

पुलिस जांच में जुटी

चार युवकों की मौत के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने घटनास्थल से मिले सामान और शराब की बोतल को जांच के दायरे में लिया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शराब या कथित नशीला पदार्थ कहां से खरीदा गया था और चारों ने वास्तव में क्या सेवन किया था।

फिलहाल मामले में जहरीली शराब की आशंका की जांच की जा रही है। मौत की अंतिम वजह पोस्टमार्टम, विसरा और टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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